शहीद स्थली जलियांवाला बाग के बंद दरवाजे एक साल बीतने के बावजूद खोले नहीं जा सके हैं। इससे अमृतसर में आने वाले पर्यटक निराश लौट रहे हैं। उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने जलियांवाला बाग के शताब्दी वर्ष 13 अप्रैल 2019 को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान शहीद स्थली के सौंदर्यीकरण का नींव पत्थर रखा था। केंद्रीय सांस्कृतिक व पर्यटन मंत्रालय ने जलियांवाला बाग के विकास के लिए 20 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान रखा था। इस राशि से जलियांवाला बाग के मुख्य प्रवेश द्वार, ऐतिहासिक कुएं के साथ-साथ गैलरी, शहीद लाट और गलियारा को एक नया रूप दिया गया। पर्यटकों को उस समय के इतिहास की जानकारी देने के लिए लाइट एंड साउंड शो का भी आयोजन किया जाना है। अब जलियांवाला बाग के सौंदर्यीकरण का काम पूरा हुए कई महीने बीत चुके हैं लेकिन अभी तक केंद्र सरकार ने शहीद स्थली के द्वार खोलने का कोई फैसला नहीं किया है। केंद्र ने बीते वर्ष के दौरान जलियांवाला बाग को खोलने के लिए कई बार तारीखों की घोषणा की, लेकिन उस पर अमल नहीं हुआ।