चौथे टेस्ट मैच से पहले लोकल ब्वॉय वीरेंद्र सहवाग को जहां अपने अंतरराष्ट्रीय और भारतीय क्रिकेट में अमूल्य योगदान के लिए कोटला के मैदान में सम्मानित किया जाना था तो वहीं एक और लोकल ब्वॉय पहली बार अपने घरेलू मैदान पर टीम इंडिया की टेस्ट मैच में अगुवाई करने जा रहा था। इस ब्वॉय का नाम है विराट कोहली।
विज्ञापन
कोहली के जन्म के बाद से कोटला में कभी नहीं हारी है टीम इंडिया
2 of 8
एक साल पहले कप्तान बनने के बाद विराट कोहली भारत की सरजमीं पर पहली बार टेस्ट मैचों में टीम इंडिया की अगुवाई कर रहे हैं। अपनी पहली टेस्ट सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बनाने के अलावा एक और दिलचस्प मुकाम हासिल किया है।
विज्ञापन
कोहली के जन्म के बाद से कोटला में कभी नहीं हारी है टीम इंडिया
3 of 8
फिरोजशाह कोटला में टेस्ट मैच शुरू होने से पहले विराट कोहली ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ लगातार चौथी बार टॉस जीत लिया। कोहली ने विपक्षी कप्तान हाशिम अमला को लगातार 4 बार टॉस में हराया है।
कोहली के जन्म के बाद से कोटला में कभी नहीं हारी है टीम इंडिया
4 of 8
इस सीरीज में लगातार चौथी बार टॉस जीतने के बाद विराट कोहली ने भी वही फैसला लिया जो इससे पहले यहां पर खेले गए 22 टेस्ट मैचों में लिया गया यानी पहले बल्लेबाजी का फैसला। हालांकि टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम को सिर्फ 5 बार ही जीत मिली है।
विज्ञापन
कोहली के जन्म के बाद से कोटला में कभी नहीं हारी है टीम इंडिया
5 of 8
विराट कोहली ने टॉस जीतने के मामले में शानदार चौका तो लगाया ही है साथ ही उन्होंने 52 साल पुराना एक रिकॉर्ड की बराबरी कर ली जो मंसूर अली खान पटौदी ने बनाया था। पटौदी ने आज से 52 साल पहले 1963-64 5 मैचों की सीरीज से सभी मुकाबलों में टॉस जीता था। कोहली 4 या उससे ज्यादा मैचों की सीरीज में लगातार 4 बार टॉस जीतने के मामले में पटौदी के बाद दूसरे भारतीय कप्तान हैं।
विज्ञापन
कोहली के जन्म के बाद से कोटला में कभी नहीं हारी है टीम इंडिया
6 of 8
भारतीय कप्तान कोहली ने आज शानदार पारी खेली और 44 रन बनाए लेकिन वह एक गजब के प्रयास में कैच आउट हो गए। उनके जन्म लेने के बाद से टीम इंडिया उनके घरेलू मैदान फिरोजशाह
कोटला में कभी भी टेस्ट मैच में हार का मुंह नहीं देखा है। कोहली 5 नवंबर, 1988 को पैदा हुए जबकि भारत यहां पर नवंबर, 1987 मे आखिरी बार विंडीज टीम से हारा था।
विज्ञापन
कोहली के जन्म के बाद से कोटला में कभी नहीं हारी है टीम इंडिया
7 of 8
विराट कोहली के साथ चौथे विकेट के लिए 70 रनों की साझेदारी करने वाले अजिंक्य रहाणे ने भारत में अपनी सबसे बड़ी टेस्ट पारी खेली। मार्च, 2013 में इसी मैदान से टेस्ट करियर की शुरुआत करने वाले रहाणे ने इसी मैदान पर भारत में पहली टेस्ट फिफ्टी लगाई। इससे पहले उन्होंने भारत में 7, 1, 15, 2, 13 और 9 रन बनाए थे।
कोहली के जन्म के बाद से कोटला में कभी नहीं हारी है टीम इंडिया
8 of 8
विराट कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया के सामने 28 साल पुराने रिकॉर्ड को बनाए रखने का दबाव है। भारत इस मैदान पर 1987 के बाद से कोई टेस्ट नहीं हारा है। तब से लेकर इस मैदान पर भारत ने 9 मैच जीते हैं जो किसी मैदान पर एक भी टेस्ट मैच हारे बगैर सबसे ज्यादा जीत का रिकॉर्ड है।