ब्राजील की एक फैन की आंखों से आंसुओं का सैलाब सा जारी हो गया।
विज्ञापन
आंसुओं के सैलाब में बदली ब्राजील की हार..
2 of 12
ब्राजील के स्टार खिलाडी नेमार चोट के कारण सेमीफाइनल से बाहर हो गए और उनकी गैर मौजूदगी में टीम को 7-1 से शिक्सत मिली। नेमार के फैन्स उन्हे याद करने के लिए उनके मुखौटे लाए थे।
विज्ञापन
आंसुओं के सैलाब में बदली ब्राजील की हार..
3 of 12
मिरोस्लाव क्लोजा के गोल के बाद खुशी मनाते जर्मन खिलाडी। जर्मनी की टीम ने 7-1 से ब्राजील को रौंदकर फाइनल में प्रवेश किया है। जर्मनी के खिलाडी मिरोस्लाव क्लोजा वर्ल्ड कप में 16 गोल कर सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाडी बन गए हैं।
आंसुओं के सैलाब में बदली ब्राजील की हार..
4 of 12
ब्राजील के प्रशंसक इस कदर निराश थे कि उन्होनें पहले हॉफ में ही स्टेडियम छोडना शुरू कर दिया। नेमार और थिएगो सिल्वा के बिना खेल रही ब्राजील की टीम जर्मन चुनौती के सामने तिनके की तरह बिखर गई।
विज्ञापन
आंसुओं के सैलाब में बदली ब्राजील की हार..
5 of 12
मैदान में मौजूद ब्राजील के समर्थक अंत तक किसी चमत्कार की उम्मीद लगाए बैठे थे। लेकिन ब्राजील के खिलाडी 90 मिनट तक जर्मन गोल को भेद नहीं पाए। 90 वें मिनट में ऑस्कर के गोल से भले ही ब्राजील ने खाता खोला लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
विज्ञापन
आंसुओं के सैलाब में बदली ब्राजील की हार..
6 of 12
मैच के दौरान जर्मनी के खिलाडी थॉमस मूलर की ब्राजील के कप्तान डेविड लुइस से बहस हुई। पांच गोल से पिछड जाने पर ब्राजील के खिलाडी खीझे हुए थे और ऐसे में कप्तान लुईज ने मूलर को किक मारने की कोशिश की।
विज्ञापन
आंसुओं के सैलाब में बदली ब्राजील की हार..
7 of 12
पूरे जर्मनी में ये मौका जश्न के माहौल में तब्दील हो गया।
आंसुओं के सैलाब में बदली ब्राजील की हार..
8 of 12
जर्मन प्रशंसक वर्ल्ड कप ट्रॉफी के मॉडल के साथ जश्न मनाते देखे जा सकते हैं।
आंसुओं के सैलाब में बदली ब्राजील की हार..
9 of 12
जर्मनी की टीम किस तेजी से खेली इसका अंदाजा इसी बात से लग सकता है कि पहले हॉफ में ही उसने पाँच गोल दाग दिए थे।
आंसुओं के सैलाब में बदली ब्राजील की हार..
10 of 12
जर्मनी की तरफ से मूलर ने 11वें मिनट में पहला गोल किया। उसके बाद तो जैसे गोलों की झडी लग गई।
आंसुओं के सैलाब में बदली ब्राजील की हार..
11 of 12
ब्राजील के कोच लुई फेलिपो स्कोलारी ने ब्राजील के 7-1 से हारने के बाद कहा कि यह उनके जीवन का सबसे खराब दिन है। स्कोलारी ने कहा, "मुझे ऐसे कोच के रूप में याद किया जाएगा जो 7-1 से हार गया लेकिन जब मैंने ये जॉब चुनी थी तब मुझे इस खतरे के बारे में पता था। मैंने ही टीम और खेल की रणनीति चुनी थी। ये मेरा ही फैसला था।"