क्रिकेट में बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण तीनों अहम हिस्सा हैं। जानते हैं, वनडे क्रिकेट के ऐसे 9 कारनामों को जो हमेशा के लिए हो गए अमर।
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वनडे क्रिकेट में ये कारनामें हमेशा के लिए हो गए अमर
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जनवरी 1996, ऑस्ट्रेलियाई टीम में बाएं हाथ के बल्लेबाज माइकल बेवन की वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली गई नाबाद अर्धशतकीय पारी आज भी क्रिकेट प्रशंसकों के लिए यादगार है। मात्र 172 रनों का पीछा करते हुए कंगारू टीम 38 रन पर 6 विकेट गंवा चुकी थी। ऑस्ट्रेलिया के लिए मैच लगभग हाथ से जा चुका था, लेकिन मध्यक्रम पर बल्लेबाजी करने उतरे माइकल बेवन ने टीम को संभाला और पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ कैरेबियाई टीम से मैच छीन लिया।
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मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने वर्ल्ड कप 2003 के एक मैच में पाकिस्तान के खिलाफ 98 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली थी। पाक अभी तक के सभी वर्ल्ड कप के किसी भी मैच में भारत को हरा नहीं सका है। इस मैच में भी सचिन की (98 रन, 75 गेंद) पारी ने भारत को मैच जिताने में अहम रोल निभाया। पाक ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 272 रनों का तगड़ा लक्ष्य रखा था। जिसे भारत ने सफलतापूर्वक पार किया।
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वर्ल्ड कप 1979 का फाइनल मैच। सामने थी वेस्टइंडीज और इंग्लैंड की टीम। टॉस जीतकर इंग्लैंड ने पहले क्षेत्ररक्षण चुना। गत चैंपियन वेस्टइंडीज 99 रन पर 4 विकेट गंवा चुकी थी। लेकिन एक तरफ सर विवियन रिचर्ड्स टिके रहे। उन्होंने 138 नाबाद शतकीय पारी खेली और टीम को संकट से उबारा। इस आतिशी पारी में विवियन ने 3 छक्के और 11 चौके भी लगाए। 286 रनों का लक्ष्य देकर वेस्टइंडीज ने इंग्लैंड को 194 पर ऑलआउट कर दिया था।
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80 के दशक में वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाजों का खौफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में काफी था। उस वक्त ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर गैरी गिलमोर ने आकर तहलका मचा दिया। 1975 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल मुकाबले में इंग्लैंड के खिलाफ इस दिग्गज स्पिनर ने 14 रन देकर 6 विकेट झटके। इस गेंदबाज ने अपनी स्पिनिंग जादूगरी से दुनिया को बताया कि सिर्फ तेज गेंदबाजी ही नहीं स्पिनिंग से भी मैच का रुख पलटा जा सकता है। यह मैच ऑस्ट्रेलिया जीता था।
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टीम इंडिया के महान कप्तानों में शुमार ऑलराउंडर कपिल देव की वैसे तो कई पारियां ऐतिहासिक हैं। लेकिन वर्ल्ड कप 1983 में जिम्बाब्वे के खिलाफ उनके बल्ले से निकले 175 रन सबसे खास हैं। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम 17 रन पर 5 विकेट गंवा चुकी थी, तब कपिल देव बल्लेबाजी करने उतरे और शतक ठोंककर ही लौटे। भारत यह मैच आसानी से जीता।
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नवंबर 2014 में टीम इंडिया के हिटमैन रोहित शर्मा ने कोलकाता के ईडन गार्डन में श्रीलंका के खिलाफ अकेले 264 रन बनाकर इतिहास रच दिया। यह ईडन गार्डन मैदान की 150 वीं वर्षगांठ भी थी।
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31 साल की उम्र में दक्षिण अफ्रीका के कप्तान एबी डीविलियर्स की वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली गई 138 रन की शतकीय पारी भी खास है। इसी मैच में एबी ने सनद जयासूर्या का सबसे तेज फिफ्टी बनाने का रिकॉर्ड भी भेदा। एबी ने जयासूर्या के 19 गेंदों में फिफ्टी के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए 16 गेंदों पर फिफ्टी बनाई।
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1999 वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल मैच। सामने थे चोकर्स दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया। ऑस्ट्रेलिया को 213 पर ऑलआउट कर (शॉन पोलाक के 36 रन पर 5 विकेट और एलन डोनाल्ड के 32 रन पर 4 विकेट) अफ्रीकी टीम अपनी जीत पर आश्वस्त थी। लेकिन कंगारू स्पिनर शेन वॉर्न ने उनकी आशाओं पर पारी फेर दिया। 29 रन देकर 4 विकेट झटककर वॉर्न ने मैच अपनी टीम की झोली में डाला।
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ये है वनडे क्रिकेट की सबसे यादगार पारियों में पहले पायदान पर। 1992 वर्ल्ड कप फाइनल में गेंदबाज वसीम अकरम की गेंदबाजी के बूते पाक ने इंग्लैंड से मैच छीनकर पहले और अभी तक इकलौती बार वर्ल्ड कप पर कब्जा किया। अकरम ने इस मैच में 3 अहम विकेट झटके थे।