देश में जहां धर्म के नाम पर मार-काट मची हुई है, वहीं इससे परे दिल्ली में हो रही रामलीला में हिंदू-मुस्लिम एकता का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। 'अगर कोई मुझसे कहेगा कि मैं सीता का किरदार नहीं कर सकती क्योंकि मैं एक मुसलमान हूं, तो मैं उससे कहूंगी कि क्यों नहीं कर सकती हूं, सबसे पहले मैं एक इंसान हूं।'ऐसा कहना है 19 वर्षीया रोमा हैदर खान का जो दिल्ली के हरिनगर में हो रही रामलीला में सीता का किरदार निभा रही हैं।
विज्ञापन
ये है इंडियाः 'हिंदू' बनते हैं राम और सीता 'मुसलमान'!
2 of 6
सिर्फ सीता ही नहीं, इस रामलीला में 'राम' हैं हिंदू लेकिन हनुमान बने हैं ईसाई, रावण बने हैं एक सिख कलाकार। आज जहां देश में जगह-जगह से सांप्रदायिक तनाव की खबरें आ रही हैं, वहीं इस रामलीला में सभी धर्मों का एक साथ होना आपसी सद्भाव और भाईचारे की मिसाल है।
विज्ञापन
ये है इंडियाः 'हिंदू' बनते हैं राम और सीता 'मुसलमान'!
3 of 6
क्या एक मुसलमान होकर सीता का किरदार निभाने पर रोमा के घरवालों ने नाराजगी नहीं जताई? क्या उनके घरवालों ने उन्हें कुछ कहा नहीं? ये सवाल मेरे मन में था। पत्राचार से स्नातक की पढ़ाई करने वाली रोमा ने कहा, "घरवाले और दोस्त बहुत ख़ुश हुए कि मैं मां सीता का किरदार निभा रही हूं। कुछ दोस्तों ने जरूर एतराज किया था पर उनको मैंने कहा कि इसमें कुछ गलत नहीं है।"
ये है इंडियाः 'हिंदू' बनते हैं राम और सीता 'मुसलमान'!
4 of 6
पर 'रावण' का किरदार निभा रहे सुरिंदर सिंह जो कि सिख हैं कहते हैं कि उनके दोस्त उन्हें कई बार टोक देते हैं। सुरिंदर सिंह कहते हैं, "मेरे घरवाले और दोस्त अक्सर मुझसे कहते हैं कि ऐसा कब तक चलेगा? मैं कहता हूं जब तक ऊपरवाले की मर्जी है तब तक।"
विज्ञापन
ये है इंडियाः 'हिंदू' बनते हैं राम और सीता 'मुसलमान'!
5 of 6
इस रामलीला समिति के अध्यक्ष हैं रिपुदमन कौशिक जो रामलीला के शुरू होने से पहले माइक पर ऐलान करते हैं कि इस बार सीता का किरदार रोमा हैदर खान निभा रही हैं। ये पूछे जाने पर कि अगर मौका मिला तो क्या वो मुस्लिम धर्म के लिए कोई बड़ा कार्यक्रम करेंगे? उसका संचालन करेंगे?वो कहते हैं, "मैं ज़रूर करता पर मुझे मुस्लिम धर्म के बारे में ज़्यादा पता नहीं है जिसकी वजह से मैं ऐसा नहीं कर पाऊंगा।"
ये है इंडियाः 'हिंदू' बनते हैं राम और सीता 'मुसलमान'!
6 of 6
खास बात ये है कि ये सभी कलाकार, हिंदू हों या मुसलमान, नवरात्र के दौरान न तो मांस-मछली खाते हैं और न ही शराब पीते हैं। इस रामलीला को देखने के दौरान मुझे अपने स्कूली दिनों की वो कहावत बार-बार याद आई। 'हिंदु, मुस्लिम, सिख, ईसाई आपस में हैं भाई-भाई।'कम से कम इस रामलीला के कलाकारों को देखकर ऐसा ही लगता है।