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87 घंटे बाद गिरकर बोली बनारस की बेटी, खड़ी हूं और खड़ी रहूंगी

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लगातार सबसे अधिक समय (124 घंटे) तक नृत्य का विश्व कीर्तिमान बनाने से चूकी कथक नृत्यांगना सोनी चौरसिया थोड़ी मायूस हैं लेकिन हताश कतई नहीं। (सभी फोटो: अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी)
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शानदार प्रयास के बाद भी रिकॉर्ड न बना पाने का मलाल तो अपनी जगह है लेकिन जोश और जज्बे से भरी काशी की इस बेटी ने कहा कि ‘मैं कल भी खड़ी थी, आज भी खड़ी हूं और आगे भी खड़ी रहूंगी। फिर कोशिश करूंगी और एक दिन जरूर विश्व कीर्तिमान बनाऊंगी। और जल्द बनाऊंगी।’
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लगातार 124 घंटे नृत्य कर विश्व कीर्तिमान बनाने का सोनी का सफर मंगलवार की रात उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद थम गया था। उसके बाद अधिकृत तौर पर इसकी घोषणा भी कर दी गई थी। सोनी ने बताया कि 14 नवंबर को सुबह नौ बजे अभियान की शुरुआत के बाद से चौथे दिन 87 घंटे का सफर तय करने तक जरा भी थकान महसूस नहीं हुई।

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मंगलवार की रात 12:18 बजे जब वह मंच पर नाचते-नाचते अचानक बैठ गईं तो कुछ समय के लिए लगा कि वह गायब हो गईं लेकिन उसके बाद तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई दी तो पैर फिर अपने आप थिरकने लगे। हालांकि परिवार के लोगों और डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें ब्रेक लेना पड़ा। कुछ देर आराम करने के बाद वह दोबारा मंच पर आना चाहती थी लेकिन घरवाले तैयार नहीं हुए।
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परिवार सहित सभी लोग इस बात से डरे थे कि सोनी को कुछ हो न जाए और फिर डॉक्टरों की सलाह के आधार पर वह दोबारा मंच पर नहीं आ पाईं। देर रात 3:20 बजे उन्हें मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा ले जाया गया, वहां प्राथमिक उपचार के बाद एकबारगी फिर उन्होंने आर्य महिला पीजी कॉलेज के प्रबंधक से मंच पर वापस आने की इच्छा जताई लेकिन लोग इसके लिए तैयार नहीं हुए।
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सोनी ने कहा, ‘सभागार के अंदर और बाहर लोगों ने जिस तरह हौसलाअफजाई की, उसे कभी भूल नहीं पाऊंगी। मंच पर नृत्य करते समय किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं थी। पहले दिन का सफर शुरू होने के बाद बस 19 नवंबर को दोपहर एक बजे का समय ही दिख रहा था। जिस समय नृत्य रुका यह महसूस नहीं कर पाई कि मै हूं कि नहीं।’
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सोनी ने बताया कि नृत्य करते समय खिड़की से रोशनी आती थी तो लगता था कि अगला दिन आ गया। शनिवार को डिजिटल वॉच में जब 18 नवंबर का आठ देखा तो मन प्रफुल्लित हो उठा कि मंजिल करीब है। दो दिन रात में दर्शकों की कमी थी लेकिन तीसरे दिन से भीड़ बढ़ने लगी तो उत्साह दोगुना हो गया। एक कलाकार के लिए दर्शक भगवान की तरह होता है। सभागार में भीड़ और लोगों का उत्साह देख लगता था कि मंच पर अभी तुरंत आई हूं।

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बातचीत के दौरान सोनी ने बताया कि पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए वह जल्द ही पूरी टीम के साथ स्केटिंग करते हुए सैफई जाएगी। पूरी तरह से फिट होने के बाद जल्द ही कार्यक्रम की रूपरेखा तय कर ली जाएगी। इसके पहले वर्ष 2004 में 9 से 14 अगस्त तक बनारस से लखनऊ तक का सफर स्केटिंग करते हुए तय किया था। तब तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने सम्मानित किया था।

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सोनी के मेंटर राजेश डोगरा का दावा है कि कथक में लगातार 87 घंटे 18 मिनट तक नृत्य कर सोनी ने इतिहास रच दिया है। बातचीत में उन्होंने बताया कि बहुत खोजबीन के बाद पता चला कि कथक में अब तक 17 फरवरी 1996 को लखनऊ की रुचि शर्मा ने 16 घंटा और वर्ष 2008 में नोएडा की पायल माथुर ने 24 घंटा 8 मिनट का रिकॉर्ड बनाया है।
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उन्होंने बताया कि गिनीज बुक की टीम ने केरल की हेमलता के जिस 123 घंटा 15 मिनट के रिकॉर्ड के दर्ज होने की जानकारी दी थी वह कथक में नहीं बल्कि नृत्य की विधा मोहिनीअट्टम में बना था। वैसे भी सोनी ने कथक में 24 घंटा 8 मिनट के रिकॉर्ड को तोड़कर लिमका बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बना लिया है। जल्द ही गिनीज बुक की टीम को भी पूरा ब्योरा भेजकर दावा पेश किया जाएगा।
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