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पसीने-पसीने हुए राहुल बोले, सड़क से संसद तक होगा संघर्ष

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कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी जिले में आठ किलोमीटर की पदयात्रा के दौरान सर्द मौसम में भी पसीने-पसीने हो गए। लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओँ का जोश देख कर उनके चेहरे पर हल्की मुस्कान तैरती रही। वह कभी पलट कर पीछे देखते तो कभी हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन करते। इस दौरान कई बार कांग्रेसियों की धक्कामुक्की से सुरक्षा घेरा टूट गया। चंद्रभान यादव/अमर उजाला, महोबा।
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पसीने-पसीने हुए राहुल बोले, सड़क से संसद तक होगा संघर्ष

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कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की पदयात्रा के मद्देनजर पवा चौराहे पर शनिवार सुबह से ही भीड़ जुटनी शुरू हो गई । हाथ में तख्तियां लिए लोग नारे लगा रहे थे। दोपहर 12.30 बजे राहुल गांधी का काफिला पवा चौराहे पर रुकने के बजाय सीधे 200 मीटर दूर मंडी स्थापना केंद्र पहुंचा। यहां करीब 15 मिनट रुकने के बाद  काफिला सूपा खेल मैदान रवाना हुआ।
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यहां चौपाल का आयोजन किया गया था। खेल मैदान की सुरक्षा कर्मियों ने पहले से घेराबंदी कर रखी थी। खेल मैदान पहुंचते ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष निर्मल खत्री ने माइक संभाल लिया। इसके बाद पार्टी की ओर से तय किए गए ग्रामीण बारी-बारी से बुलाए जाते हैं। सभी की बातें सुनने के बाद राहुल गांधी ने करीब 14 मिनट तक भाषण दिया। उन्होने सूखे से बदहाल किसानों और मजदूरों को हक दिलाने की वकालय करते हुए केंद्र और राज्य सरकारों पर निशाना साधा। चौपाल के बाद पदयात्रा लाडपुररवाना हुई।

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पद यात्रा के दौरान कांग्रेसियों के साथ आसपास के ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ता है। धक्कामुक्की से की कई बार सुरक्षा घेरा टूटता है। करीब दो किलोमीटर दूर सूपा क्रासिंग तक पहुंचते-पहुंचते राहुल गांधी पसीने से लथपथ हो जाते हैं। बीच-बीच में वे इशारे से पानी मांगते हैं और उनके सहयोगी पानी की बोतल थमाते रहते हैं। रेलवे क्रासिंग से आगे बढ़ने पर सड़क किनारे खड़े कुछ लोग राहुल गांधी को अपना दर्द बताना चाहते हैं, लेकिन सिक्योरिटी में लगी फोर्स उन्हें न रुकने का इशारा करती है।
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राहुल आगे बढ़ते हैं और रेलवे स्टेशन तिराहे के पास गुलाबी गैंग की सदस्याओं का अभिवादन करते हैं। गुलाबी गैंग की राष्टीय अध्यक्ष संपत पाल और जिलाध्यक्ष फरीदा बेगम कांग्रेस उपाध्यक्ष का स्वागत करती हैं। यहां मौजूद चार महिलाएं अपनी बात रखती हैं। फिर राहुल गांधी एक महिला के पास जाकर पूछते हैं यहां की सबसे बड़ी समस्या क्या है। महिला जवाब देती है, पानी नहीं है साब। इसके बाद वह सूपा की चौपाल जैसा भाषण देकर प्रदेश और केंद्र सरकार पर वार करते हैं।
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यहां से काफिला महोबा-झांसी हाईवे पर पहुंचता है। राहुल गांधी करीब तीन किलोमीटर चलने के बाद सड़क किनारे मातादीन कुशवाहा के घर में करीब 45 मिनट रुकते हैं। इसके बाद वह लाडपुर नहर के पास 20 मिनट के अपने संबोधन में पुरानी बातों के साथ हैदराबाद यूनिवर्सिटी में दलित छात्र राहुल वैमुला की खुदकुशी का मुद्दा उठाते हैं।

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कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को यहां पदयात्रा व किसान चौपाल के बहाने केंद्र एवं राज्य सरकार पर निशाना साधा। किसानों को लुभाते हुए कर्ज माफी का मुद्दा उठाया। कहा कि किसानों का कर्ज माफ हुए बिना मेक इन इंडिया का सपना पूरा नहीं होगा। नरेंद्र मोदी को किसानों की जरा भी फिक्र नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बुंदेलखंड की त्रासदी संसद के जरिए पूरे देश को बताएंगे। बुंदेलखंड को अकालग्रस्त घोषित कराने के लिए सड़क से लेकर संसद तक लड़ेंगे।

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चौपाल में अलग-अलग गांव के किसानों ने अपना दर्द बयां किया। करीब आठ किलोमीटर की पदयात्रा के दौरान वह लाडपुर गांव में सड़क किनारे स्थित मातादीन कुशवाहा के घर रुके। यहां चाय के बाद सब्जी-रोटी खाने के बाद लाडपुर की चौपाल को संबोधित किया।

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राहुल गांधी ने सूपा एवं लाडपुर गांव में धूप के बीच ग्रामीणों का दर्द सुना। किसी ने रोजगार का मुद्दा उठाया तो किसी ने अनाज का। पेयजल और भूख का मुद्दा भी सभी की जुबां पर एक ही अंदाज में था। ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष की भाव भंगिमा भी बदलती रही। तीनों स्थानों पर करीब 32 मिनट के भाषण मोदी, किसान और गरीबी के ईद-गिर्द रहे। यूपीए सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए मनरेगा का बखान किया। कहा कि बुंदेलखंड का दर्द देखने के बाद ही मनरेगा लागू की गई।

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ग्रामीणों से सवाल भी किया कि क्या मनरेगा का लाभ मिल रहा है? कुछ ग्रामीणों ने जेसीबी से काम होने की बात कही तो उसके लिए राज्य सरकार को दोषी ठहराया। कहा कि 2008 में बुंदेलखंड की दशा देखने के बाद केंद्र सरकार से चार हजार करोड़ का सूखा पैकेज दिलाया और 77 हजार करोड़ का किसानों का कर्जा माफ कराया था। अब हालात उससे भी ज्यादा खराब हैँ।

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केंद्र सरकार पर हमलावर होते हुए राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने सभी के खाते में 15 लाख देने और रोजगार दिलाने का भरोसा दिया था लेकिन मिला कुछ भी नहीं। महंगाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यूपीए शासन में पेट्रोल का दाम 150 डालर प्रति बैरल था और अब 28 डालर प्रति बैरल है। सस्ते कच्चे तेल का जो पैसा केंद्र सरकार के पास बच रहा है, उसे किसानों में बांटा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उद्योगपतियों की फिक्र है लेकिन किसानों की नहीं, जबकि सरकार चलाने में किसानों का भी बड़ा योगदान है।

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राहुल गांधी ने सियासी तीर चलाते हुए कहा कि चुनाव के वक्त सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और नरेंद्र मोदी ने बुंदेलखंड में सभा कर वोट बटोरे लेकिन अब भुखमरी की नौबत है तो इस तरफ देख भी नहीं रहे हैं। उन्होंने तत्कालीन बसपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र से मिले पैसे से गोदाम बनवा दिए गए लेकिन किसानों की उपज बढ़ाने की दिशा में काम नहीं हुआ।
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उन्होंने आत्महत्या करने वाले हैदराबाद विश्वविद्यालय के दलित छात्र रोहित वेमुला के जरिए भी मोदी पर निशाना साधा। कहा कि प्रधानमंत्री कल आंसू बहा रहे थे। यदि उनके आंसू सच्चे हैं तो यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर (वीसी) को बर्खास्त करें। आंसू बहाने का वक्त नहीं है। जिनके हाथ में ताकत हैं, उन्हें दूसरों के आंसू पोछने के लिए कुछ करना चाहिए। इस दौरान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री, प्रदेश प्रभारी मधुसूदन मिस्त्री, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी, पूर्व मंत्री प्रदीप जैन आदि मौजूद रहे।
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