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'मोदी को अब तक टीवी पर देखा, मिला तो देखते ही रहा'

Sat, 19 Sep 2015 10:57 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कल अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में थे। इस दौरान उन्होंने रिक्शाचालकों को ई-रिक्शा बांटा,लेकिन पीएम मोदी सबकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाए। उनके इस कार्यक्रम पर खुद खई रिक्शाचालकों ने प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए और कहा कि मनमाने तरीके से रिक्शे बांटे गए हैं।
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'मोदी को अब तक टीवी पर देखा, मिला तो देखते ही रहा'

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पांडेयपुर निवासी रियाजुल हक और शहनवाज को मोदी ने कौशल विकास प्रमाणपत्र दिया। दोनों का कहना था कि पीएम को उन्होंने अब तक टीवी पर ही देखा था। मंच पर पहुंचने के बाद कुछ देर तक तो वह पीएम को एकटक देखते रहे। पीएम ने उनके कंधे पर हाथ रखते हुए मेहनत से रोजगार करने को कहा। पीएम का आशीर्वाद उनके लिए नई ऊर्जा का काम करेगा।
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छावनी के मल्टी परपज ग्राउंड पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबसे पहले जंसा के दीनदासपुर निवासी संजय से मिले। बीएमसी और एआईएफ की ओर से संजय को ई-रिक्शा दिया गया है। पीएम ने सबसे पहले पूछा कि ई-रिक्शा चला तो लोगे ना। संजय ने जवाब दिया हां सरकार चला लेते हैं। कहा कि कंपनी का लोन भी जल्द से जल्द भर देंगे। पीएम ने कहा कि काशी की सड़कें और गलियां संकरी हैं, ई-रिक्शा धीरे चलाना। संजय ने अपनी पत्नी रेखा, बेटी खुशबू, रीमा और बेटे को भी पीएम से मिलवाया।

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संजय के बाद पीएम चौकाघाट के ढेलवरिया निवासी कन्हैया कन्नौजिया से मिले। वह अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ आए थे। पीएम ने कन्हैया से पूछा कि अब तक कितना कमा लेते थे। कन्हैया ने जवाब दिया कि वह किराए का ई-रिक्शा चलाता है। रोज तीन सौ रुपये किराया देने के बाद करीब दो सौ रुपये बच जाते हैं। उसने बताया कि नए ई-रिक्शे के लिए उसे रोज 110 रुपये किस्त के रूप में देने होंगे। तीन साल बाद रिक्शा उसका अपना हो जाएगा।
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मंच पर पीएम के हाथों रिक्शा, ई-रिक्शा की चाबी पाने वालों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। बाद पांडेयपुर के रहने वाले अजय जायसवाल पत्नी सीमा के साथ ई-रिक्शा की चाबी लेने मंच पर पहुंचे। अजय ने बताया कि अब तक वह पहड़िया में ठेले पर फल बेचते थे। अब ई-रिक्शा मिल जाने पर वह सवारी ढोने के साथ ही फल का कारोबार भी कर सकते हैं।
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कार्यक्रम के बाद मंच से उतरते समय एआईएफ के कंट्री हेड निशांत पांडेय ने नरेंद्र मोदी से उनके साथ सेल्फी की इच्छा जताई। मंजूरी के बाद निशांत ने उनके साथ सेल्फी ली।
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प्रधानमंत्री के हाथों देवंती देवी पत्नी ध्रुव कुमार को ठेला, दुर्गा देवी पत्नी जगरनाथ को रिक्शा ट्राली, शिवकुमारी देवी पत्नी धर्मेंद्र को पैडल रिक्शा, रेखा देवी, राधा देवी, सीमा देवी को ई-रिक्शा, नूरजहां और सोनी को रुपे कार्ड, रियाजुल और शहनवाज को एनएसडीसी व एएसडीसी स्किल सर्टिफिकेट मिला। इसी तरह नूरजहां व सोनी को रूपे कार्ड, राधा को ई-रिक्शा पैकेज और सीमा को पीएम ने ई-रिक्शा की चाबी सौंपी। शहनवाज और रियाजुल हक को कौशल विकास प्रमाण पत्र दिया गया।

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मल्टीपरपज ग्राउंड पर ऐसे भी काफी लोग पहुंचे थे, जिन्होंने ई-रिक्शा और पैडल रिक्शा के लिए आवेदन किया था लेकिन उनके नाम लिस्ट से गायब थे। लोहता के कोटवां निवासी ओमप्रकाश का कहना था कि वह मूल रूप से वाराणसी के रहने वाले हैं। पहले से रिक्शा चलाते हैं। आवेदन के बाद भी उनका नाम लिस्ट से गायब है।
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कोटवां के ही संजय और सतोष भी पहुंचे थे। उनका भी कहना था कि वह सभी जरूरी पात्रता को पूरी करते हैं फिर भी उन्हें रिक्शा नहीं मिला। आरोप लगाया कि बीएमसी और आईएएफ ने मनमाने तरीके से लोगों का चयन किया है। शिवपुर के कांशीराम आवास निवासी राकेशचंद्र का कहना था कि उन्हें रिक्शा के लिए पास भी दिया गया लेकिन यहां पहुंचने पर बताया गया कि उन्हें रिक्शा नहीं दिया जाएगा। कहा कि लोगों को मनमाने तरीके से रिक्शे बांटे गए हैं।
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