यूपी के बिजनौर में गजरौला के गांव जंदरपुर और हमीदपुर के बीच स्थित तालाब से मिट्टी खोदते समय ढांग गिरने से मिट्टी में दबकर एक युवती की मौत हो गई जबकि पांच बच्चों समेत आठ लोग घायल हो गए। गांववालों ने मिट्टी में दबे सभी को बाहर निकालकर जिला अस्पताल ले गए। एक की हालत गंभीर होने से उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। (ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर/ गजरौला शिव)
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घर सजाने की कर रहे थे तैयारी, अचानक हो गया मौत से सामना
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शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव जंदरपुर निवासी लियाकत की पुत्री सायमा(20), असलम की पत्नी आसमां (35), पुत्री नेहा(8), निसार की पुत्री शाहना (18), ताहिर की पत्नी हमीदन (52) अकरम का पुत्र तालिब (11), जाहिद की बेटी शुभानी(8), बेटी सानिया (7) हनीफ का पुत्र जुनैद (9) मंगलवार को करीब दस बजे जंदरपुर व हमीदपुर के जंगल में स्थित तालाब से घर में लिपाई पुताई करने के लिए मिट्टी लेने गए थे।
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कसले व खुर्पे से मिट्टी खोदते समय तालाब की ढांग भरभराकर गिर गई। ये सब ढांग के नीचे दब गए। इनके साथ आए छोटे बच्चे अलग खड़े थे। इन बच्चों ने शोर मचाया तो आसपास काम कर रहे किसान तालाब की ओर दौड़ पड़े। किसानों ने फावडे़ से मिट्टी हटाकर ढांग में दबे सभी को बाहर निकाला।
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छोटे बच्चे भाग कर घर पहुंचे और ग्रामीणों को घटना की सूचना दी। ग्रामीण भी मौके की ओर दौड़े। शुभानी और सानिया का गांव में ही उपचार कराया गया, बाकी घायलों को जिला अस्पताल लाया गया। सायमा ने मेरठ जाते समय दम तोड़ दिया।
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परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए सायमा के शव को गांव ले गए। आसमां का उत्तराखंड के जौली ग्रांट भेजा गया है। इस घटना से गांव में हाहाकार मचा रहा। हर कोई अस्पताल की ओर दौड़ पड़ा। तहसीलदार राजेश कुमार और शहर कोतवाल अजय गौतम मौके पर पहुंचकर कर जानकारी ली।
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ग्रामीणों ने जिला अस्पताल में सायना को जिंदा बताकर हंगामा किया। चिकित्सकों ने सायमा को मृत घोषित कर दिया था। ग्रामीण अड़े रहे कि सायमा का सांस चल रहा है।
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ग्रामीण सायमा को मेरठ ले जाने लगे। तभी उसने दम तोड़ दिया। ग्रामीणों चिकित्सकों पर अन्य घायलों के उपचार में भी लापरवाही बरतने का आरोप लगाने लगे। कुछ लोगों ने उन्हें शांत किया।