फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह की ख्वाहिश है कि उनके जीवित रहते ओलंपिक में देश के एथलीट पदक जीतें। रियो ओलंपिक में उनको यह ख्वाहिश पूरी होने की संभावना कम है। कहा कि वर्ष 2024 में होने वाले ओलंपिक में देश के एथलीट पदक जीत सकते हैं। इसके लिए अभी से जोरदार तैयारी करनी होगी। मिल्खा सिंह ने कहा कि देश भर में स्पोर्ट्स एकेडमी खोलनी चाहिए। (ब्यूरो/अमर उजाला, आगरा)
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मिल्खा सिंह पहुंचे आगरा, जाहिर की अपनी ख्वाहिश
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इसमें बढ़िया कोच रखे जाएं और खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया जाना चाहिए। इससे ओलंपिक में भारत की दावेदारी मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि विश्व का नंबर एक गेम एथलेटिक्स है। इसमें प्रत्येक विजेता खिलाड़ी देश का नाम रोशन करता है। जिन देशों को ओलंपिक में अधिक पदक मिलता है, माना जाता है कि वह देश तरक्की कर रहा है।
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करीब 200 देश इसमें हिस्सा लेते हैं। चीन ने दावा करके बीजिंग ओलंपिक में सर्वाधिक पदक जीते थे। मिल्खा सिंह ने कहा कि भारत सरकार खेलों के लिए भरपूर पैसा और सुविधाएं दे रही है। इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन उसके अनुरूप प्लानिंग नहीं कर पा रही है। उन्होंने खिलाड़ियों पर फिल्में बनाए जाने के कदम को सराहा और कहा कि महान खिलाड़ियों पर और भी फिल्में बननी चाहिए।
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रजत जयंती वर्ष में ताज महोत्सव के प्रमोशन के लिए रविवार सुबह आयोजित शारदा ताज मैराथन में उत्साह से लबरेज हजारों लोगों ने हिस्सा लिया। युवा, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चों ने सिकंदरा, पालीवाल पार्क, मोतीलाल नेहरू पार्क और ओनली रेस्टोरेंट से एकलव्य स्टेडियम तक दौड़ लगाई। सिकंदरा स्थित अकबर टूम में 21 किलोमीटर की हाफ मैराथन का शुभारंभ विख्यात एथलीट मिल्खा सिंह ने झंडी दिखाकर किया।
मैराथन में यमुना व कन्याभ्रूण रक्षा और एकता के संदेशवाहक धावकों का जगह-जगह स्वागत किया गया। पुरुष वर्ग में केन्या के सैमुअल तो महिला वर्ग में नागपुर की ज्योति चौहान के सिर जीत का सेहरा बंधा। दोनों विजेताओं को मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया ने पुरस्कार राशि 51-51 हजार रुपये के चेक भेंट किए।