ओलावृष्टि बारिश से प्रभावित किसानों को मुआवजे और
गन्ना भुगतान की मांग को लेकर रालोद कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष शिवकुमार त्यागी
के नेतृत्व में यूपी के हापुड़ में तहसील चौपला स्थित चौधरी चरण सिंह की
प्रतिमा पर एकत्रित हुए थे। वहीं पर सिपाही भर्ती में धांधली का विरोध कर
रहे अभ्यर्थी भी जांच की मांग करते हुए तहसील चौपला पहुंच गए।
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'मेरी ससुराल सैफई में है' कहकर इंस्पेक्टर ने नेता को धुना
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वहां से अभ्यर्थी और रालोद कार्यकर्ता एक साथ कलेक्ट्रेट की ओर चले। आरोप है कि इसी दौरान कोतवाली इंस्पेक्टर राजेन्द्र सिंह यादव भारी पुलिस बल के साथ वहां पहुंच गए। वहां आगे बढ़ने से रोकने पर इंस्पेक्टर और रालोद जिलाध्यक्ष के बीच कहासुनी हो गई।
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इस पर पुलिसकर्मियों ने लाठीचार्ज कर दिया। इंस्पेक्टर ने रालोद जिलाध्यक्ष को स्वयं डंडे से जमकर पीटा जिससे वह घायल हो गए।
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रालोद जिलाध्यक्ष शिवकुमार त्यागी ने कहा कि जब इंस्पेक्टर लाठीचार्ज कर
रहे थे और मैंने अपना परिचय दिया। इस पर इंस्पेक्टर ने कहा, मेरी ससुराल
मुलायम सिंह यादव के गांव सैफई में है। मैं किसी भी अधिकारी से नहीं डरता।
जहां चाहे शिकायत कर लेना।
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वहीं इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह यादव ने कहा कि वहीं इंस्पेक्टर कार्यकर्ता सड़क पर जाम लगाने का प्रयास कर रहे थे। जब वह उन्हें समझाने गए तो कार्यकर्ताओं ने उनके साथ हाथापाई कर दी। हालांकि उन्हें नहीं पता था कि रालोद के जिलाध्यक्ष भी इस धरना प्रदर्शन में शामिल थे।
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अन्य पुलिस कर्मियों के रालोद कार्यकर्ताओं को दौड़ा दौड़ाकर लाठी डंडों से जमकर पीटा जिसमें कई कार्यकर्ता घायल हो गए।
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इसके बाद पुलिस ने रालोद के जिलाध्यक्ष और उनके बेटे सहित तीन पदाधिकारियों को हिरासत में ले लिया और कोतवाली ले आई। थोड़ी देर बाद जैसे ही रालोद के पदाधिकारियों को इस बात का पता लगा तो काफी संख्या में पदाधिकारी कोतवाली पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया।
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इसी दौरान सीओ सिटी विशाल यादव भी कोतवाली पहुंचे और पदाधिकारियों से वार्ता शुरू हो गई। काफी जद्दोजहद के बाद कोतवाल ने खेद प्रकट करते हुए जिलाध्यक्ष और पदाधिकारियों को रिहा किया गया। लेकिन बाद में कोतवाल को हटाने की मांग को लेकर रालोद के पदाधिकारियों ने रणनीति बनाई और जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।