बेहद चालाकी से दुश्मन की पनडुब्बी पर वार करने में सक्षम स्वदेश में विकसित युद्धपोत आईएनएस कदमत को बृहस्पतिवार को नौसेना के हवाले कर दिया गया। इस युद्धपोत का निर्माण यहां के नौसेना डॉकयार्ड में मेसर्स गार्डन रिच शिपयार्ड्स एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड ने किया है।
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नौसेना के हवाले 'INS कदमत', छुड़ा देगा दुश्मनों के छक्के
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आईएनएस कदमत अपने तरह का दूसरा युद्धपोत है, जिसका निर्माण देश में किया गया है। इस मौके पर नौसेना प्रमुख एडमिरल आरके धोवन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया अभियान के तहत भविष्य में नौसेना युद्धपोत सहित सभी तरह के जहाजों का निर्माण करेगी।
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उन्होंने आईएनएस कदमत को नौसेना में शामिल किए जाने को नौसेना के आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम करार दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना अब निर्माण करने वाली नौसेना बन गई है न कि खरीदारी करने वाली।
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भारतीय नौसेना ने अगले 15 सालों में डीआरडीओ के साथ मिलकर विज्ञान और प्रौद्योगिकी में मजबूती लाने और देश में युद्धपोत बनाने की योजना बनाई है।
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धोवन ने कहा कि आईएनएस कदमत से नौसेना के पूर्वी बेड़े को ताकत मिलेगी और पनडुब्बी के खिलाफ हमारी मारक क्षमता बढ़ेगी।
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इस युद्धपोत में 90 फीसदी कलपुर्जे स्वदेश निर्मित लगे हैं। ये पोत शिवालिक, कोलकाता और आईएनएस कमोर्टा के बाद सबसे बड़ा स्वदेशी पोत।इसमें एएसडब्ल्यू हेलीकॉप्टर के लिए फोल्डेबल हैंगर डोर लगे हैंइसका विपन्स और सेंसर सूट पूरी तरह से स्वदेशी इसमें 3डी मीडियम रेंज का एयर व सर्फेस राडार लगा हैइसपर एंटी सबमरीन हेलीकॉप्टर की तैनाती की जा सकती है। इस युद्धपोत पर 13 अधिकारी और 180 नाविक तैनात होंगे