हिट एंड रन मामले में सलमान खान के बरी होने के पीछे हाइकोर्ट ने मुख्य गवाह रवीन्द्र पाटिल के संदिग्ध बयानों को माना है। हादसे के दौरान सलमान के बॉडीगार्ड रहे मुंबई पुलिस के जवान रवीन्द्र पाटिल की मौत रहस्यमयी तरीके से हुई थी।
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कैसे घुट-घुटकर मरा सलमान केस का अहम गवाह
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हादसे के बाद मामले में सबसे पहले बयान देने वालों में रवीन्द्र पाटिल ही थे। जिन्होंने साफ कहा था कि हादसे के दौरान गाड़ी सलमान ही चला रहे थे और उन्होंने शराब पी हुई थी।
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1998 बैच के कांस्टेबिल रवीन्द्र पाटिल को अंडरवर्ल्ड से धमकियां मिलने के बाद सलमान खान का बॉडीगार्ड बनाया गया था।
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(इसी कार से ही हुआ था एक्सीडेंट) पाटिल के अनुसार वह उस समय कार में ही मौजूद थे जब हादसा हुआ और उन्होंने तेज गाड़ी चलाने के लिए सलमान को चेतावनी भी दी थी लेकिन सलमान ने उनकी एक नहीं सुनी।
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पाटिल की तहरीर पर ही सलमान खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। लेकिन इसके
साथ ही उनके बुरे दिनों की भी शुरूआत हो गई। मीडिया को दिए बयानों के
अनुसार पाटिल ने बताया था कि उन पर अपने बयानों को पलटने का जबरदस्त दबाव
है। उन्हें फोन करके धमकियां दी जा रही हैं।
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पाटिल पर दबाव का असर इस कदर था कि साल 2006 में उन्हें विभिन्न आरोपों के चलते गिरफ्तार कर लिया गया और नवंबर में उन्हें इन्हीं आरोपों में नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया।
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लेकिन सत्ता के गलियारों और ताकत की चकाचौंध के बीच पाटिल की आवाज दबकर रह गई। लगातार बन रहे दबावों के बीच उन्हें जबरदस्त तनाव ने घेर लिया। इसके चलते वह मानसिक बीमारी की चपेट में आ गए।
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इन तस्वीरों को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह पुलिस का एक जवान जबरदस्त तनाव के बीच बीमारी की चपेट में आया। बताया जाता है कि पाटिल पर विभाग की ओर से भी अंदरूनी दबाव बनाया जा रहा था।
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रवीन्द्र पाटिल की यह तस्वीर उन दिनों की है जब नौकरी खोने के बाद घर पर ही वह बीमारी की हालत में जिंदगी के अंतिम दिन गिन रहे थे।
नौकरी जाने के बाद रवीन्द्र पाटिल की जिंदगी फाक्काकसी में गुजरने लगी। अगस्त 2007 में एक दिन वह पटरी के किनारे जीर्ण शीर्ण अवस्था में बेहोश मिले। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।