मेरठ-बागपत रोड पर डौला गांव के सामने बुधवार की रात में 11.30 बजे इंडेन का 18 टन एलपीजी का विशालकाय टैंकर पलटने से लगी भीषण आग दमकल की 11 गाड़ियों की मदद से बृहस्पतिवार को शाम 4.30 बजे बुझ पाई।
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फोटो: टैंकर में लगी भीषण आग, जले 30 से ज्यादा घर
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इस बीच आग में धूं-धूंकर जले गांव के 30 घरों में कम से कम 10 लोग झुलस गए। इनके अलावा 40 मवेशी झुलसे हैं।
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डौला अग्निकांड ने आपदा प्रबंधन व्यवस्था की पोल खोल दी। पुलिस से लेकर प्रशासन ऐसे किसी हादसे को तैयार नहीं था। इतनी तक जानकारी नहीं थी कि एलपीजी की आग को कैसे बुझाया जाना चाहिए। आधी रात के बाद पुलिस के अफसर इंडेन के अधिकारियों से पूछ रहे थे कि आग जलती रहने में ज्यादा खतरा है या फिर बुझने के बाद गैस रिसाव होने पर।
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उधर आग से बचने के लिए मची भगदड़ में गिरकर 20 महिलाओं समेत 50 लोग घायल हो गए हैं।
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ड्राइवर ने पुलिस को बताया डौला चौकी पार करते ही सामने से आ रही एक गाड़ी को बचाने के चक्कर में टैंकर पलटा। इसके बाद उसके इंजन में आग लगी। इस बीच टैंकर में आई दरार से निकली गैस में धमाके के साथ आग लगी जो तेजी से चारों ओर फैल गई।
रातभर गैस फैलती रही जबकि मास्क पहुंचे सुबह को। रात में उपचार तो दूर पुलिस प्रशासन यह तक मालूम नहीं कर पाया कि आग से कितने लोग झुलसे हैं और भगदड़ में कितने लोगों को चोट आई है।