एक भारतीय फेयरनेस क्रीम बनाने वाली कंपनी को चार हफ्तों में गोरा बनाने का दावा करना महंगा पड़ गया है। कंपनी के दावा खरा न उतरने के बाद एक बीस वर्षीय युवक ने केस कर दिया था। इस पर तीन साल बाद फैसला सुनाते हुए उपभोक्ता अदालत ने फेयरनेस क्रीम की निर्माता कंपनी इमामी पर 15 लाख रुपए का जुर्माना लगा दिया है।
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रंग गोरा नहीं हुआ, फेयरनेस क्रीम कंपनी पर 15 लाख जुर्माना
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इमामी फेयर एंड हैंडसम का प्रचार और कोई नहीं शाहरुख खान करते हैं। निखिल नाम के इस युवक ने कंपनी का प्रचार देखकर क्रीम खरीदी थी,लेकिन वह गोरा नहीं हुआ।
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रंग गोरा नहीं हुआ, फेयरनेस क्रीम कंपनी पर 15 लाख जुर्माना
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निखिल का कहना है कि उसने एक महीने तक क्रीम का उपयोग किया,लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। कंपनी इस प्रकार लाखों लोगों को ठगती है। इसके बाद उसने अपने भाई कानून के छात्र रहे पारस की मदद ली और उपभोक्ता अदालत मे केस कर दिया।
रंग गोरा नहीं हुआ, फेयरनेस क्रीम कंपनी पर 15 लाख जुर्माना
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उन्होंने कहा कि वह सिर्फ इतना चाहते हैं कि उनकी तरह और लोग न ठगे जाएं। साथ यह जुर्माने की रकम निखिल के बजाय उपभोक्ता कल्याण निधि में जाएगी क्योंकि निखिल ने किसी हर्जाने की मांग नहीं की है, उन्हें सिर्फ कोर्ट केस में खर्च हुए 10000 रुपए ही मिलेंगे।
रंग गोरा नहीं हुआ, फेयरनेस क्रीम कंपनी पर 15 लाख जुर्माना
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कोर्ट के फैसले के अनुसार इमामी को न सिर्फ जुर्माना भरना होगा बल्कि गोरा बनाने के इस भ्रामक विज्ञापन को भी बंद करना होगा। वहीं कंपनी ने इस फैसले पर कुछ कहने मना कर दिया है, हालांकि वह अब मामले को नेशनल कंज्यूमर फोरम तक ले जाने की तैयारी कर रही है।