केंद्र की सत्ता से एक झटके में बाहर हुई कांग्रेस को अब कार्यकर्ताओं के नजदीक जाने की जरूरत महसूस हुई है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने स्वयं का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले वह कार्यकर्ताओं को सैनिक मानते थे, लेकिन अब सभी को वह परिवार का सदस्य मानते है। मिशन 2017 फतह करने का मूलमंत्र बताया।
जब राहुल की आंखों से कांग्रेस ने देखा सत्ता पाने का ख्वाब
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उन्होंने कहा दूरियां मिटानी हैं और कार्यकर्ताओं के यह महसूस कराना है कि वह हमारे परिवार के सदस्य हैं। उन्होंने स्टीव जॉब का उदाहरण देते हुए बताया कि किस तरह से बंद पड़ी फैक्ट्री को सफलता के मुकाम पर पहुंचाया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को उससे प्रेरणा लेने के लिए कहा। कांग्रेस के प्रतिनिधि सम्मेलन में पल भर में सिलसिलेवार प्रतिक्रियाएं आईं और श्रीप्रकाश जायसवाल से लेकर रीता बहुगुणा जोशी तक ने कहा कि इस वक्तव्य से हमसब में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।
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राहुल के संबोधन के ठीक पहले प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री लखनऊ में हुए लाठीचार्ज के संघर्षों को याद कर यूपी प्रभारी मधुसूदन मिस्त्री की तारीफ की और कहा कि वह कांग्रेस कार्यकर्ताओं से पहले हर संघर्ष में लाठी झेलने के लिए खड़े नजर आते हैं। यह ऐसे सेनापति हैं जो बल्कि साथ साथ जंग लड़ते हैं।
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राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस को विधानसभा चुनावों में जीत के लिए मेरा जितना भी समय चाहिए, मैं दूंगा। चाहे एक दिन या फिर सौ दिन। कहा कि प्रदेश में भले ही पार्टी चौथे नंबर पर हो, लेकिन इसकी विचारधारा प्रदेश में नंबर वन की है। इसी विचार धारा पर सही काम करने से पार्टी यूपी की सत्ता में आ जाएगी।
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इसके बाद राहुल गांधी ने माइक संभालते ही सेनापति और सैनिक की बात शुरू की। उन्होंने कहा कि कोई न सिपाही है न ही सेनापति, सभी कार्यकर्ता हमारे परिवार का हिस्सा हैं, इसी सोच के साथ काम करना है। उन्होंने नेताओं को नसीहत दी कि संवादहीनता की स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए, हर कार्यकर्ता को अपने परिवार के सदस्यों सा समझें।
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ऐसा होने पर मिशन 2017 फतह हो जाएगा। सम्मेलन के पहले सत्र के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि राहुल गांधी के परिवार मंत्र से कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार हुआ है।
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राहुल ने जब कहा कि यहां बैठे सभी लोगों के डीएनए टेस्ट में कांग्रेस निकलेगी तो हॉल तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंज पड़ा। पदाधिकारियों में जोश का संचार हुआ और उन्होंने आगामी विधानसभा चुनावों में जीत के लिए संकल्प लिया। साथ ही उन्होंने युवा पदाधिकारियों को जनसंपर्क और गांव-गांव में मीटिंग कर विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का आहृवान भी किया।
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2017 के विधानसभा चुनाव में जीत के लिए आयोजित कांग्रेस प्रांतीय प्रतिनिधि सम्मेलन में राहुल गांधी के जाने के बाद पदाधिकारियों ने सुझाव रखे। उनकी सबसे बड़ी पीड़ा बाहरी व्यक्ति को प्रत्याशी घोषित करने की प्रवृत्ति पर दिखी। प्रदेश अध्यक्ष ने आगामी विधानसभा चुनाव में गठबंधन न करने की बात कही।
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होटल ड्यूक पैलेस में आयोजित प्रांतीय प्रतिनिधि सम्मेलन में लंच ब्रेक के बाद जब राहुल गांधी दिल्ली के लिए प्रस्थान कर गए तब सम्मेलन का दूसरा सत्र आरंभ हुआ। प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री ने कहा कि कांग्रेस 2012 और 2014 के चुनाव में गठबंधन के बाद भी अपनी स्थिति मजबूत नहीं कर सकी थी। अब आगामी विधानसभा चुनाव में किसी पार्टी से गठबंधन नहीं होगा।
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चंदौली की मधु राय ने कहा कि कई बार बाहरी व्यक्तियों को बुलाकर अन्य जिलों से लड़ाया जाता है। ऐसे में स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट जाता है।
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चंदौली की मधु राय ने कहा कि कई बार बाहरी व्यक्तियों को बुलाकर अन्य जिलों से लड़ाया जाता है। ऐसे में स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट जाता है।
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ऐसा इस बार के चुनावों में नहीं होना चाहिए। लखनऊ के तरुण पटेल ने कहा कि कांग्रेस में टिकट वरिष्ठ नेताओं की परिक्रमा करने वाले नेताओं को दी जाती है। इसके चलते ऐसे नेता सिर्फ दस, 15 अथवा 20 हजार वोट पाने तक सिमट जाते हैं।
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प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जो भी जिला एवं शहर अध्यक्ष चुनाव लड़ना चाहता है वह सीधे उनसे संपर्क कर अपनी उम्मीदवारी जता सकता है। वाराणसी से नरेंद्र मोदी के विरुद्ध चुनाव लड़ने वाले अजय राय ने पीएम मोदी का नाम लिए बिना निशाना साधते हुए कहा कि वह झूठा और फ्रॉड है। यह बात अब जनता जान चुकी है।
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कभी तो बनारस को जापान के क्योटो जैसा शहर बनाने की बात करते हैं तो अभी चार दिन पहले रिक्शा और ठेला बांट रहे थे। ऐसे में क्या क्योटो की बराबरी हो सकती है। कहा कि बनारस में एक बड़ा कार्यक्रम कर पीएम मोदी के झूठ का पुलिंदा खोला जाएगा। ताकि जनता के सामने उनके काला चिट्ठा खोला जा सके। कांग्रेस के प्रांतीय प्रतिनिधि सम्मेलन में राहुल गांधी ने संतों के एक प्रतिनिधि मंडल से भी मुलाकात की।
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इस दौरान उन्होंने गोरक्षा और राम मंदिर सहित कई मुद्दों पर कांग्रेस का समर्थन मांगा, साथ ही अपना पक्ष स्पष्ट करने को भी कहा। संतों को उन्होंने सहयोग का आश्वासन दिया, लेकिन मीडिया के राम मंदिर के सवाल पर मुस्करा कर निकल गए। महामंडलेश्वर नवल गिरी ने कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी से भारत में गौ हत्या का विरोध, गंगा-यमुना को प्रदूषण से मुक्त कराना, अपराध से मुक्त प्रदेश, जातिवाद की राजनीति खत्म करने का आह्वान किया।
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अखिल भारतीय चतुर्थ संप्रदाय के अध्यक्ष फूलडोल महाराज ने बताया कि उन्होंने राहुल गांधी से राम मंदिर पर समर्थन मांगा और उन्हें बताया कि आपकी सरकार के समय में ही मंदिर का ताला खुला, शिलान्यास हुआ। यमुना, हिंदुत्व, गोरक्षा, बहन-बेटी की सुरक्षा और भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित कराने की मांग भी की है।
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राहुल जी, उद्योग जगत समान वस्तु एवं सेवा कर प्रणाली (जीएसटी) का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। आप इसे लागू करवाइये। जीएसटी लागू न होने से हताश उद्यमियों ने अपनी यह पीड़ा सोमवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के समक्ष रखी। इस पर राहुल ने उद्यमियों से संवाद भी किया।
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उन्होंने कहा कि बिल में कर की सीमा तय नहीं है और इस मसले पर भाजपा अपनी सहमति नहीं दे रही। नेशनल चैंबर्स आफ कामर्स के अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश बजाज, महासचिव कृष्ण दयाल आदि उद्यमियों ने जीएसटी को उद्योगों को बचाने के लिए जरूरी प्रणाली बताया। इसके साथ ही ज्ञापन में सीएनजी की असमान दरों की समस्या को भी रखा गया।
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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष निर्मल खत्री ने इशारों की भाषा में मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए प्रदेश की अखिलेश सरकार को माफिया सरकार की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि सूबे की सरकार जनता पर जुल्म ढा रही है।