कानपुर में तेज धूप के कारण आरएसएस के ‘राष्ट्र रक्षा संगम’ कार्यक्रम में तीन बाल स्वयं सेवक बेहोश हो गए। इससे हड़कंप मच गया।
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भागवत के भाषण के दौरान भूखे-प्यासे बच्चे बेहोश
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आनन-फानन संघ के पदाधिकारियों ने उनके मुंह पर पानी का छींटा मारा, तब जाकर बाल स्वयं सेवक सामान्य हो सके। एक व्यक्ति भी अचेत होकर गिर पड़ा।
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भागवत के भाषण के दौरान भूखे-प्यासे बच्चे बेहोश
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कार्यक्रम में बाल स्वयं सेवकों की संख्या ज्यादा थी, जो दोपहर 12 बजे से आकर मैदान में डट गए थे।
भागवत के भाषण के दौरान भूखे-प्यासे बच्चे बेहोश
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मोहन भागवत का उद्बोधन अपराह्न 3:30 बजे तक चला। इस दौरान तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस था।
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भागवत के भाषण के दौरान भूखे-प्यासे बच्चे बेहोश
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इससे बेचैनी बढ़ी और भूखे-प्यासे बाल स्वयं सेवक अचेत होकर गिर पड़े।
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भागवत के भाषण के दौरान भूखे-प्यासे बच्चे बेहोश
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मैदान में हजारों की भीड़ थी लेकिन पीने के पानी का कोई खास इंतजाम नहीं दिखा।
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भागवत के भाषण के दौरान भूखे-प्यासे बच्चे बेहोश
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बाल स्वयं सेवक लाइन छोड़कर इधर-उधर न जाएं, इसके लिए वरिष्ठ पदाधिकारियों की ड्यूटी भी लगाई गई। इससे स्थिति और खराब हुई।
भागवत के भाषण के दौरान भूखे-प्यासे बच्चे बेहोश
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तेज धूप और पानी न मिलने के बाद भी बाल स्वयं सेवक इधर-उधर नहीं जा सके।
भागवत के भाषण के दौरान भूखे-प्यासे बच्चे बेहोश
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इस घटना से आरएसएस की व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है।
भागवत के भाषण के दौरान भूखे-प्यासे बच्चे बेहोश
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हालांकि संघ के पदाधिकारियों ने मामले को सामान्य बताया। कहा कि मीडिया तिल को ताड़ बनाने में जुटा है। थकान मिटाने के उद्देश्य से कुछ बाल स्वयं सेवक जमीन पर सो गए थे, जिसे मीडिया ने बेहोशी बताकर पेश कर दिया है। एक व्यक्ति को दिक्कत हुई थी, जिसे समय से अस्पताल पहुंचा दिया। बाल स्वयं सेवक फिट, मस्त थे। किसी को किसी तरह की दिक्कत नहीं हुई है।
आरएसएस सरसंघचालक मोहन भागवत ने संबोधन में कहा, ‘सिर्फ भाषणबाजी से काम नहीं चलेगा, हमें करने की आदत डालनी होगी। इसकी शुरुआत स्वयं से फिर समाज और फिर देश स्तर पर होनी चाहिए।’