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जब-जब पर्दे पर 'अंधी' हुईं हीरोइनें, आंखों से छलक आए दर्द के आंसु

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बॉलीवुड हीरोइनों में हुनर कूट कूट के भरा है, इसमें कोई दोराय नहीं। लेकिन जब भी इन हीरोइनों ने फिल्मों में अंधी लड़की का रोल निभाया तो काफी चुनौतीपूर्ण रहा। अब एक और हीरोइन इसी लीग में जुड़ गई है जो अपनी आने वाली फिल्म में अंधी लड़की का रोल करेगी। देखिए, अब तक के सबसे उम्दा अंधी लड़की के रोल।
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हाल ही में रणदीप हुड्डा और फिल्म सिंघम में काम कर चुकीं हीरोइन काजल अग्रवाल की आने वाली फिल्म दो लफ्जों की कहानी का ट्रेलर रिलीज हुआ है। इस फिल्म में काजल ऐसी लड़की का रोल निभा रहीं हैं जिसकी आंखों की रोशनी जा चुकी है। इससे पहले भी कई हीरोइनें इस रोल में दिखी हैं।
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फिल्म फना के अाधे हिस्से में काजोल ने एक अंधी लड़की का रोल निभाया था जो अपनी इस कमी को अपनी इच्छाओं के रास्ते में नहीं आने देती। 2007 में आई इस फिल्म के लिए उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस अवार्ड भी मिले थे।

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दीपिका ने फिल्म लफंगे परिंदे में ऐसी ही एक लड़की का किरदार निभाया। वे देख न पाने के बावजूद स्केटिंग सीखती है और मुकाबले में भाग लेती है।
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फिल्म ब्लैक में रानी मुखर्जी ने जन्म से ही नेत्रहीन लड़की का रोल निभाया। 2006 में इसके लिए उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस का खिताब मिला। ये उनके अब तक के सबसे उम्दा किरादरों में से एक है।
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शायद ही किसी को याद हो लेकिन अमीषा पटेल की 2006 में एक फिल्म आई थी हमको तुमसे प्यार है। फिल्म में वे अंधी बनी थीं जिनकी अर्जुन रामपाल से शादी हो जाती है।
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माधुरी दीक्षित, शाहरुख खान और सलमान खान की फिल्म हम तुम्हारे हैं सनम में ऐश्वर्या राय ने भी छोटा सा रोल निभाया था। इसमें वे सलमान की गर्लफ्रेंड बनी थीं जो नेत्रहीन होती है।

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हॉरर फिल्म नैना ऐसी लड़की की कहानी थी जिसकी सूर्य ग्रहण के दौरान आंखों की रोशनी चली जाती है। बड़े हो कर उसका ऑपरेशन होता है और रोशनी वापस आ जाती है। लेकिन इसके बाद उसे अजीबोगरीब लोगों की शक्लें दिखने लगती हैं। यह रोल उर्मीला मतोड़कर ने किया था जिसमें उनकी एक्टिंग की तारीफ हुई थी।

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पुरानी फिल्मों की बात करें तो नेत्रहीन महिला का रोल राखी से बेहतर शायद की किसी ने निभाया हो। राखी ने फिल्म बरसात की एक रात में यह रोल निभाया था जो यादगार बन गया।

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फिल्म अनुराग में मौसमी चैटर्जी ने ऐसी ही लड़की शिवानी का रोल निभाया जो मूर्तियां बनाती है। फिल्म में उसे राजेश (हीरो विनोद मेहरा) से प्यार हो जाता है जो कैंसर का मरीज होता है। फिल्म के अंत में राजेश की मौत हो जाती है लेकिन जाते जाते वे शिवानी को अपनी आंख का रोशनी दान कर जाता है।
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आशा पारेख ने फिल्म चिराग में एक मालदार लड़की का रोल निभाया जो शादी के बाद एक हादसे का शिकार हो जाती है और हादसे में उसकी आंख की रोशनी चली जाती है। वह पूरी तरह अपने पति पर निर्भर हो जाती है लेकिन पति भी उसका पूरा साथ निभाता है।
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