फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लालू का नौंवी पास लाल कैसे बना बिहार का डिप्टी सीएम

विज्ञापन
1 of 16
26 साल के तेजस्वी यादव का राजनीतिक कॅरियर अभी शुरू हुआ है और शुरूआत में ही उन्हें बड़ी जिम्मेदारी मिली है। ऐसे में उनके सामने बड़ी चुनौती खुद को साबित करने के साथ साथ उस जगह को भरने की भी होगी जो उनके पिता ने उनके लिए खाली छोड़ दी है।
विज्ञापन

लालू का नौंवी पास लाल कैसे बना बिहार का डिप्टी सीएम

2 of 16
गांधी मैदान में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के तुरंत बाद शपथ लेने वाले लालू के छोटे बेटे तेजस्वी यादव ने औपचारिक रूप से सरकार में नंबर दो की हैसियत पा ली है। चर्चा है कि उन्हें उप मुख्यमंत्री भी बनाया जा सकता है। जानिए तेजस्वी यादव के बारे में।
विज्ञापन

लालू का नौंवी पास लाल कैसे बना बिहार का डिप्टी सीएम

3 of 16
राजनीति से पहले तेजस्वी यादव की पहचान एक क्रिकेटर के तौर पर रही है। बिहार में मुख्यमंत्री की कुर्सी से रुखसत होने के बाद लालू ने जब दिल्‍ली की राह पकड़ी तो तेजस्वी भी उनके साथ गए। उन्होंने ‌डीपीएस आरकेपुरम से पढ़ाई की है।

लालू का नौंवी पास लाल कैसे बना बिहार का डिप्टी सीएम

4 of 16
क्रिकेट के कारण तेजस्वी पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पाए और मात्र नौंवी तक की ही पढ़ाई की। दिल्‍ली से ही उन्होंने अंडर 15 और 19 तक की क्रिकेट खेली। इस दौरान भारतीय टीम के वर्तमान टेस्ट कप्तान विराट कोहली से भी उनकी अच्छी दोस्ती रही।
विज्ञापन

लालू का नौंवी पास लाल कैसे बना बिहार का डिप्टी सीएम

5 of 16
इसके बाद वह झारखंड की रणजी टीम की ओर से खेलने लगे। आईपीएल में भी वह दिल्‍ली डेयरडेविल्स की टीम में रहे।
विज्ञापन

लालू का नौंवी पास लाल कैसे बना बिहार का डिप्टी सीएम

6 of 16
लेकिन बदकिस्मती से चार साल टीम में रहने के बाद भी उन्हें ज्यादा मैच खेलने का मौका नहीं मिल सका। उन्होंने चार मैच खेले जिसमें मात्र तीन रन ही बना पाए।
विज्ञापन

लालू का नौंवी पास लाल कैसे बना बिहार का डिप्टी सीएम

7 of 16
साल 2012 तक तेजस्वी क्रिकेट में ही अपना भाग्य आजमाते रहे। लेकिन वहां कोई खास मुकाम हासिल न करने के बाद उन्होंने पिता की तरह राजनीति का ही रुख कर लिया।

लालू का नौंवी पास लाल कैसे बना बिहार का डिप्टी सीएम

8 of 16
साल 2013 में जब चारा घोटाले में सजा होने के बाद लालू यादव के चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा तो उन्होंने अपने लिए राजनीतिक वारिस की तलाश शुरू कर दी। जो उन्हें अपने छोटे बेटे तेजस्वी में दिखा।

लालू का नौंवी पास लाल कैसे बना बिहार का डिप्टी सीएम

9 of 16
तेजस्वी को घर में सबसे दुलारा माना जाता है। उसकी वजह से लालू यादव भी उन्हें सबसे ज्यादा दुलार करते हैं। उनकी मां राबड़ी देवी का उनके ये प्रति दुलार ही है कि उन्हें उसी सीट से उतारा गया जिस पर पूर्व में राबड़ी देवी किस्मत आजमा चुकी हैं। राबड़ी महीने भर तक बेटे के निर्वाचन क्षेत्र में रहकर ही उनके लिए प्रचार करती रहीं।

लालू का नौंवी पास लाल कैसे बना बिहार का डिप्टी सीएम

10 of 16
लालू के तेजस्वी को राजनीतिक वारिस बनाने के पीछे एक बड़ी वजह ये भी थी कि लालू उन्हें बड़े बेटे तेज प्रताप के मुकाबले राजनीतिक रूप से ज्यादा परिपक्व मानते हैं। तेजस्वी ने पिता के इस विश्वास को साबित भी किया।

लालू का नौंवी पास लाल कैसे बना बिहार का डिप्टी सीएम

11 of 16
जब उन्होंने चुनावों के दौरान खूब मेहनत की और इसका फल भी उन्हें मिला। जब उन्होंने राघोपुर सीट पर भारी भरकम 91 हजार वोट प्राप्त कर भाजपा के सतीश कुमार को मात दे दी।

लालू का नौंवी पास लाल कैसे बना बिहार का डिप्टी सीएम

12 of 16
खास बात ये रही कि तेजस्वी यादव ने चुनाव के दौरान उन्हीं सतीश कुमार को मात दी जिन्होंने बीते चुनावों में उनकी मां को इस घरेलू सीट पर दस हजार वोटों से हरा दिया था। इस तरह उन्होंने सतीश कुमार को हराकर मां की हार का बदला तो लिया ही राजनीति में अपने कदम भी मजबूती से स्‍थापित कर लिए।

लालू का नौंवी पास लाल कैसे बना बिहार का डिप्टी सीएम

13 of 16
हालांकि चुनावों से पूर्व ही इस बात की अटकलें लगनी शुरू हो गई थी कि जीत के बाद लालू यादव अपनी राजनीतिक विरासत तेजस्वी यादव को सौंप सकते हैं। राघोपुर से उनकी एकतरफा जीत के बाद इन अटकलों को और हवा मिलनी शुरू हो गई।

लालू का नौंवी पास लाल कैसे बना बिहार का डिप्टी सीएम

14 of 16
अब नीतीश कुमार की सरकार में उनके बाद शपथ ग्रहण करने के बाद इस बात की पूरी संभावना जताई जा रही है कि पार्टी में विधायक दल का नेता भी उन्हें चुना जाएगा। अब इंतजार भी इस बात का है कि कब नीतीश कुमार उन्हें उप मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी देते हैं।

लालू का नौंवी पास लाल कैसे बना बिहार का डिप्टी सीएम

15 of 16
चुनावों के दौरान तेजस्वी यादव की परिपक्वता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जहां चुनावों में नेताओं ने एक दूसरे के खिलाफ खूब जहर बुझे तीरों का इस्तेमाल किया वहां तेजस्वी यादव ने इस तरह की भाषा से पूरी तरह परहेज ही रखा। तब भी जब विरोधियों ने उनके पिता और बहन पर भी निजी हमले किए।
विज्ञापन

लालू का नौंवी पास लाल कैसे बना बिहार का डिप्टी सीएम

16 of 16
पूरे चुनावों में तेजस्वी यादव ने अपनी भाषा में संयम और मर्यादा बनाए रखी। किसी भी निजी हमले का उन्होंने पलटकर जवाब नहीं दिया। उनके इस सौम्य व्यवहार ने उन्हें युवाओं का चहेता बना दिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें