आज बेटियां तमाम बाधाओं को लांघकर न सिर्फ अपना बल्कि शहर, प्रदेश और देश का नाम रोशन कर रही हैं। ऐसा ही एक नाम है भारतीय महिला हॉकी टीम की सदस्य मुमताज खान का, जिसने कदम-दर-कदम चुनौतियों का सामना कर अपना अलग मुकाम हासिल किया। मुमताज ने जिन हालात में यह सफर तय किया वो काबिल-ए-तारीफ है। बहुत ही साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली मुमताज के पिता हफीज खान और मां कैसर जहां कैंट के तोपखाना इलाके में सब्जी का ठेला लगाते हैं।