फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ताजमहल से लेकर चावल जितनी छोटी जूती तक, ऐसे अजूबे

विज्ञापन
1 of 9
इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में मेक इन इंडिया थीम विदेशी कंपनियों पर भारी पड़ रही है। मेक इन इंडिया के चलते देसी कंपनियां ऐसी तकनीक दुनिया के सामने लेकर आई हैं, जो कि सस्ती व टिकाऊ होने के साथ-साथ आधुनिक भी हैं। खास बात यह है कि मेले में टेक मार्ट से लेकर राज्यों के पवेलियन में दर्शकों को सस्ते भारतीय सोलर पैनल से लेकर ऐसी ईंट भी मिलेंगी, जोकि ग्लोबल वार्मिंग में ईको फ्रेंडली होने का संदेश दे रही हैं। (ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली)
विज्ञापन

ताजमहल से लेकर चावल जितनी छोटी जूती तक, ऐसे अजूबे

2 of 9
ताजमहल- ट्रेड फेयर में इस वक्त ताजमहल भी बिक रहा है। इसकी कीमत करीब ढाई लाख रुपये है, जबकि ताज का दीदार मुफ्त में किया जा सकता है। मजेदार यह है कि ताज की तैयारी में छह साल लगे हैं। बिहार पवेलियन में ताज के इकलौते पीस की दीदारी-खरीददारी संभव है। दरअसल, पेशे से कारीगर बिजेता नंद करीब दस साल पहले आगरा गए थे। वहां उन्होंने मुगलिया स्थापत्य की अनूठी रचना ताजमहल का दीदार किया। बिजेता को ताज की खूबसूरती इस कदर भा गई कि उन्होंने इसे अपने हुनर में ढालने की ठान ली।
विज्ञापन

ताजमहल से लेकर चावल जितनी छोटी जूती तक, ऐसे अजूबे

3 of 9
लकड़ी, चूना व दूसरी इसी तरह की चीजों के सहारे बिजेता ने 2008 में अपना काम शुरू किया। छह साल की मेहनत के बाद उनका ताज बिहार पवेलियन में धूम मचा रहा है। इसकी लंबाई, चौड़ाई व ऊंचाई का अनुपात 84, 81 व 52 सेंटीमीटर है, जबकि भार 25 किग्राम है। बिजेता ने बताया कि हमारी कोशिश ताज की हर खूबी को इसमें समेटने की थी। इसके लिए ताज की स्थापत्य का हर कोण से अध्ययन किया।

ताजमहल से लेकर चावल जितनी छोटी जूती तक, ऐसे अजूबे

4 of 9
कई इतिहासकारों से भी बात की। इससे छोटी-छोटी नक्काशी में भी हफ्तों का समय लगा। छह साल की मेहनत के बाद फिलहाल ताज तैयार हो सका। इसकी कीमत ढाई लाख रुपये है। उन्होंने बताया कि बिहार सरकार की तरफ से इसी तरह पटना साहिब की इमारत बनाने की भी मांग आई है। जल्द ही इस पर काम शुरू करूंगा।
विज्ञापन

ताजमहल से लेकर चावल जितनी छोटी जूती तक, ऐसे अजूबे

5 of 9
बांस का बोधिवृक्ष- बिहार पवेलियन में प्रवेश करते ही बोधिवृक्ष के दर्शन होते हैं। पूरा वृक्ष करीब दो हजार बांस के सहारे तैयार किया गया है, जबकि वृक्ष के चारों तरफ बिहार के नौ महापुरुषों की पेंटिंग लगी है। इसमें महात्मा बुद्ध व महावीर के अलावा सम्राट अशोक, आर्यभट्ट, मिथिला पेंटर जगदंबा देवी, गुरु गोबिंद सिंह, रामधारी सिंह दिनकर और जयप्रकाश नारायण की तस्वीरें हैं। इसके जरिये बिहार की समृद्ध विरासत पेश करने की कोशिश की गई है।
विज्ञापन

ताजमहल से लेकर चावल जितनी छोटी जूती तक, ऐसे अजूबे

6 of 9
चावल के दाने के बराबर पंजाबी जूती- यहां पर पटियाला के स्टेट अवार्ड विजेता गुरमेल चंद चावल के दाने के बराबर पंजाबी जूती लाए हैं। इसके अलावा तीन सूत, चार सूत व पांच सूत (आधे ईंच से भी कम) की पंजाबी जूती लेकर पहुंचे हैं। यहां लाइव डेमो में पंजाबी इनले वर्क भी होगा, जिसमें लकड़ी में हाथी दांत के बजाय प्लास्टिक से कटवर्क कर डिजाइन दिया जाता है।
विज्ञापन

ताजमहल से लेकर चावल जितनी छोटी जूती तक, ऐसे अजूबे

7 of 9
250 रुपये में सोलर पैनल का बल्ब- सोलर पैनल से बल्ब, टेबल लैंप और टार्च चला सकते हैं। छह घंटे चार्ज करने के बाद चार घंटे रोशनी मिलेगी। खास बात यह है कि इन बल्ब, टेबल लैंप में एलईडी बल्ब प्रयोग किए गए हैं और कीमत महज ढाई सौ से तीन सौ रुपये है।

ताजमहल से लेकर चावल जितनी छोटी जूती तक, ऐसे अजूबे

8 of 9
ईको फ्रेंडली ईंटों से बनाएं आशियाना- पंजाब पवेलियन में हॉलो ब्लॉक (ईंट) लांच की गई है, जोकि ईको फ्रेंडली है। नेशनल ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल ने ईको फ्रेंडली मानते हुए उसे मंजूरी दी है। आठ इंच और चार इंच की इस ईंट टाइप ब्लॉक की खासियत यह है कि आग, बारिश, भूकंप, सीलन आदि में यह आपके आशियाने की रक्षा करेगी, जबकि गर्मियों में ठंडक और सर्दियों में गरमाहट का एहसास देगी।
विज्ञापन

ताजमहल से लेकर चावल जितनी छोटी जूती तक, ऐसे अजूबे

9 of 9
इन खास जूतों से नहीं लगेगा करंट- नोएडा की कंपनी इलेक्ट्रा ने बिजली का काम करने के लिए खास प्रकार के जूते उतारे हैं, जिसे पहनने के बाद करंट नहीं लगेगा। टेकमार्ट हॉल के स्टॉल में रखे उत्पादों की जानकारी देते हुए कंपनी के अधिकारी विजय राणा ने बताया कि यह खास तरह के केमिकल से तैयार किए गए हैं, जोकि हाईपावर तारों की रिपेयरिंग में प्रयोग हो सकते हैं। इनकी कीमत महज तीन सौ रुपये से शुरू है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें