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MP News: खजुराहो की धरा पर बुना जा रहा शास्त्रीय नृत्य परंपराओं का ताना-बाना, देखें मन मोह लेने वाली तस्वीरें

Sun, 25 Feb 2024 04:14 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

खजुराहो की धरा पर बुना जा रहा शास्त्रीय नृत्य परंपराओं का ताना-बाना, देखें मन मोह लेने वाली तस्वीरें
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कथक कुंभ कर बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड। - फोटो : अमर उजाला
विश्व धरोहर स्थल खजुराहो में विश्वविख्यात '50वें खजुराहो नृत्य समारोह' का आयोजन पूरे उमंग और उल्लास के साथ जारी है। मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग एवं उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी द्वारा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन छतरपुर के सहयोग से नृत्य समारोह का अयोजन किया जा रहा है। कल 26 फरवरी को समोरह का समापन होगा। नृत्य प्रस्तुतियों के अलावा समकालीन कलाओं का प्रदर्शन इस सांस्कृतिक समागम की शोभा बढ़ा रहा है। दिव्यता की आबो हवा में संस्कृति का यह उत्सव मानस पर अमिट स्मृतियां दाखिल कर रहा है। प्रतिदिन सुबह से देर रात तक कलाओं के विविध आयामों से कलानुरागी परिचित हो रहे हैं। 

भारत की सांस्कृतिक धरोहर ऐसे आयोजनों से पुनः मुस्कुरा उठी है और अपने सच्चे पहरेदारों पर नाज कर रही है। पद्मश्री, पद्मभूषण नर्तक-नृत्यांगनाएं प्राचीन मंदिरों की आभा में अपने प्रदर्शन से खजुराहो नृत्य समारोह के साधना स्वरूपी मंच को नृत्यांजलि अर्पित कर रहे हैं। इस नृत्य समागम का वैभव अपने स्वर्ण जयंती वर्ष में और अधिक चमकता नजर आ रहा है। 

इस समारोह की कुछ खास बातें  



स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर पर यहां 1484 कथक कलाकारों की समवेत प्रस्तुति "कथक कुंभ" का आयोजन कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया। इसके पहले भी संस्कृति विभाग दो बार वर्ल्ड रिकॉर्ड बना चुका है, जिसमें दिसंबर 2023 में विश्वविख्यात तानसेन समारोह में 1286 तबला वादकों की प्रस्तुति "ताल दरबार" और उज्जैन में 11 लाख 71 हजार 78 दीप प्रज्जवलित करना शामिल है।
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सुप्रसिद्ध नृत्य कलाकार नित्यानंद दास। - फोटो : अमर उजाला
50वां खजुराहो नृत्य समारोह की अनुषांगिक गतिविधि लयशाला की तीसरी सभा में 23 फरवरी को ओडिसी के सुप्रसिद्ध नृत्य कलाकार नित्यानंद दास ने एक पैर पर 30 मिनट तक "प्रिय सखा" नाम का प्रदर्शन किया। बता दें कि उन्होंने अपना दाहिना पैर एक दुर्घटना में खो दिया था। 

स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर पर इस समारोह में पद्मश्री और पद्मविभूषण नर्तक व नृत्यांगनाएं प्रस्तुति दे रही हैं, जिसमें पद्मविभूषण डॉ. सोनल मानसिंह, पद्मश्री पुरु दाधीच, पद्मश्री नलिनी कमलिनी, पद्मश्री रंजना गौहर जैसे सुप्रसिद्ध नाम शामिल है। 



खजुराहो नृत्य समारोह में नृत्य प्रस्तुतियों के अलावा शंकर शिंदे की एकल चित्र प्रदर्शनी "प्रणति", कलाकार और कलाविदों का संवाद "कलावार्ता", भारतीय नृत्य शैलियों के श्रेष्ठ गुरुओं के साथ शिष्यों का संगम "लयशाला", भारतीय नृत्यों पर आधारित "नेपथ्य" प्रदर्शनी, आर्ट मार्ट, हुनर, व्यंजन मेला, वर्तनी और समष्टि समेत आदि गतिविधियां आयोजित की जा रही है। 


कलानुरागी इस नृत्य समागम के माध्यम से न सिर्फ नृत्य प्रस्तुति, बल्कि उसकी तैयारी, नृत्य कलाकार की यात्रा, नृत्य के विविध आयाम इत्यादि जानकारियों से कलावार्ता और लयशाला जैसी अनुषांगिक गतिविधि से रूबरू हो रहे हैं। 



प्राचीन कंदरिया महादेव के प्रांगण में भारतीय संस्कृति की आबो-हवा में लय ताल की यह अमृत यात्रा कला समाज के लिए हर रोज एक नया अध्याय खोल रही है।



समारोह के अंतिम दिन 26 फरवरी को देश प्रख्यात नृत्यांगना पद्मविभूषण डॉ. सोनल मानसिंह द्वारा कोरियोग्राफ "मीरा" प्रस्तुति के साथ नृत्य के इस लयमय सिलसिले का समापन होगा।
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