वैशाली सिंह ने मात्र 17 वर्ष की आयु में ही 2017 में पेरिस में हुए अंतरराष्ट्रीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल हासिल किया था।
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24 मई से 24 जून तक बैंगलुरू में चलने वाले इस कैंप में वैशाली प्रशिक्षण लेंगी। यहां का प्रदर्शन उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली फीबा एशिया कप प्रतियोगिता के लिए चयनित टीम में जगह दिला सकता है। बता दें कि वैशाली सिंह ने मात्र 17 वर्ष की आयु में ही 2017 में पेरिस में हुए अंतरराष्ट्रीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल हासिल किया था। इसके बाद वे स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया रायपुर के लिए चयनित हुईं। इसके बाद से वे लगातार रायपुर स्थित कैम्प में ट्रेनिंग ले रही हैं।
वैशाली ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने दादा ददन सिंह, पिता रावेन्द्र बहादुर सिंह और अपने कोच के. राजेश्वर राय को दिया है। वैशाली के पिता रावेन्द्र बहादुर सिंह पेशे से किसान हैं। वहीं उसके दादा ददन सिंह शिक्षक होने के साथ ही अपने समय के एक अच्छे बॉलीबॉल के खिलाड़ी थे। वैशाली खेल के प्रति अपने दादा से प्रभावित हुईं और आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वह बास्केटबॉल की खिलाड़ी बन गईं।