रोचिका ने बताया कि देवास रोड के सेंट मेरी स्कूल से पीसीएम सब्जेक्ट के साथ 12वी तक की पढ़ाई की, जिसके बाद बीटेक करने के बाद भोपाल एलएनटी में 7,5 लाख के पैकेज का जॉब लग गई थी। बड़ी कम्पनी में जॉब लगने के बाद भी ज्वाइन नहीं किया।
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उज्जैन की रोचिका गर्ग ने 174वीं रैंक हासिल की है।
- फोटो : सोशल मीडिया
उज्जैन की रोचिका गर्ग ने भी यूपीएससी में 174वीं रैंक हासिल की है। अमर उजाला से बातचीत में रोचिका ने कहा कि आज मुझे जो खुशी मिली है। उसका मुझे बरसों से इंतजार था। मैं यूपीएससी की बजाय अन्य कार्यों से संतुष्ट हो जाती इसके मुझे अब तक कई मौके मिले मेरा सिलेक्शन भोपाल की एलएनटी कंपनी में हो गया था, लेकिन मुझे इस बात का भरोसा था कि एक दिन में प्रशासनिक सेवा की अधिकारी जरूर बनूंगी। इसी फैसले पर अडिग रहने के साथ मैंने काफी मेहनत की और आज वह दिन आ ही गया। जब मैंने इस मंजिल को पा लिया है।
रोचिका ने बताया कि मेरे पिता पावरलूम चलाते हैं। यूपीएससी मे जब दो अटेम्प्ट के बाद भी मेरा सिलेक्शन नहीं हुआ तो मेरे पिता राजेश गर्ग और मां सुनीता गर्ग ने हमेशा मेरी हिम्मत बंधाए रखी, यही कारण था कि मैंने और भी मेहनत के साथ परीक्षा की तैयारियां की और आज आए रिजल्ट के बाद तीसरे अटेम्प्ट मैं प्रशासनिक अधिकारी बन चुकी हूं।
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उज्जैन की रोचिका गर्ग ने 174वीं रैंक हासिल की है।
- फोटो : अमर उजाला
घर पर है जश्न का माहौल
यूपीएससी का रिजल्ट आने के बाद घर पर दिवाली जैसा माहौल बन गया। रोचिका के माता पिता दादी ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी। आज समाज के साथ ही अन्य लोगों को भी जब रोचिका की इस उपलब्धि की जानकारी लगी तो वे तुरंत रोचिका के घर पहुंचे और उन्होंने रोचिका के साथ ही परिवार के लोगों का मुंह मीठा कराकर उन्हें इस उपलब्धि पर बधाइयां दी।
रोचिका के घर पर जश्न का माहौल है।
- फोटो : अमर उजाला
सिविल सर्विस का सपना हुआ पूरा
रोचिका ने बताया कि देवास रोड के सेंट मेरी स्कूल से पीसीएम सब्जेक्ट के साथ 12वी तक की पढ़ाई की, जिसके बाद बीटेक करने के बाद भोपाल एलएनटी में 7,5 लाख के पैकेज का जॉब लग गई थी। बड़ी कम्पनी में जॉब लगने के बाद भी ज्वाइन नहीं किया। सिविल सर्विस का सोचा था आज सपना पूरा हुआ।