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Ujjain News: विक्रम यूनिवर्सिटी अब सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, मुख्यमंत्री को मिली डी. लिट् की उपाधि

Sun, 30 Mar 2025 09:24 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

विक्रम विश्वविद्यालय का 29वां दीक्षांत समारोह रविवार को संपन्न हुआ। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव और हार्टफुलनेस संस्थान के संस्थापक  कमलेश पटेल को विश्वविद्यालय द्वारा डी. लिट् की उपाधि से अलंकृत किया गया। 
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उज्जैन विक्रम विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह - फोटो : अमर उजाला
भारतीय नववर्ष की प्रतिपदा के अवसर पर राज्यपाल और कुलाधिपति मंगुभाई पटेल की अध्यक्षता और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में विक्रम विश्वविद्यालय का 29वां दीक्षांत समारोह संपन्न हुआ। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव और हार्टफुलनेस संस्थान के संस्थापक  कमलेश पटेल को विश्वविद्यालय द्वारा डी. लिट् की उपाधि से अलंकृत किया गया। इसके पश्चात वर्ष 2024 के स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर 99 छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक, 2 शोधार्थियों को डी.लिट् एवं 70 शोधार्थियों को शोध उपाधियां प्रदान की गईं। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विक्रम विश्व विघालय अब सम्राट विक्रमादित्य के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी शोधार्थियों को अपनी ओर से शुभकामनाएं दी।



समारोह का आयोजन विक्रम विश्व विद्यालय के स्वर्ण जयंती सभागार में किया गया। कार्यक्रम में बतौर विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार, सांसद अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बाल योगी उमेश नाथ महाराज, विधायक अनिल जैन कालुहेड़ा, हार्टफुलनेस संस्थान हैदराबाद के संस्थापक पद्मभूषण कमलेश डी. पटेल शामिल हुए। 
 
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उज्जैन विक्रम विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह - फोटो : अमर उजाला
माता-पिता और गुरुजनों का आजीवन सम्मान करें : राज्यपाल
कुलाधिपति एवं राज्यपाल पटेल ने इस अवसर पर कहा कि विक्रम विश्वविद्यालय में आयोजित इस दीक्षांत समारोह में सम्मिलित होकर अत्यधिक आनंद का अनुभव हो रहा है। इस दीक्षांत समारोह में अपनी उपाधियां प्राप्त करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को मैं आत्मीय बधाई देते हुए आप सभी के मंगलमय भविष्य की कामना करता हूं। यह दीक्षांत समारोह वास्तव में सेवा का संकल्प समारोह है। जीवन में सफलता के लिए कठोर अनुशासन की आवश्यकता होती है। शिक्षा, धर्म, साहित्य, संस्कृति, विज्ञान तथा व्यापार के क्षेत्रों में भारतवर्ष के मानचित्र पर उज्जैन की अपनी विशिष्ट पहचान है। शिप्रा के पवित्र तट पर बसे इस नगर में विद्याध्ययन की अभिलाषा से आए श्रीकृष्ण की कथा पूरे संसार में प्रसिद्ध है। महर्षि सांदीपनि के गुरुकुल का यह पुरातन क्षेत्र आज भी जन-जन की आस्था का केंद्र है, जहां स्वयं जगद्गुरु ने शिक्षा पाई थी। वर्तमान समय में ज्ञान विज्ञान के अनेक नवीन क्षेत्र प्रकाश में आ रहे हैं। दीक्षित होने वाले विघार्थी अपने माता-पिता और गुरुजनों का आजीवन सम्मान करें। माता-पिता कई कष्टों को झेलकर अपने बच्चों का पालन-पोषण और शिक्षा दीक्षा की व्यवस्था करते हैं। 

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उज्जैन विक्रम विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह - फोटो : अमर उजाला
समाज और राष्ट्र की सेवा करें : मुख्यमंत्री
इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज का दिन कई कारणों से हम सब के लिए अत्यंतत महत्वपूर्ण है। उज्जैन नगरी सात पवित्रतम नगरियों में से एक है। हर कल्प में इसका विशेष महत्व रहा है। आज भारतीय नव वर्ष प्रतिपदा पर हम सब हर्षोल्लास के साथ गुड़ी पड़वा और चैटी चंड का पर्व मना रहे हैं। आज उज्जैन का गौरव दिवस भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को अपनी ओर से बधाई दी। उन्होंने कहा कि जिन विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान कि गई है, वे अपनी प्रतिभा का उपयोग अभीष्ट उद्देश्य की प्राप्ति के लिए करें। समाज सेवा और अपने राष्ट्र कि सेवा करें। भविष्य कि अपार संभावनाएं आपका इंतजार कर रही हैं। हमारे शोधार्थी विश्व के पटल पर अपने शहर, राज्य और देश का नाम लेकर जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि माधव विज्ञान महाविघालय के परिसर में आने वाले  समय में और विशाल सभागार बनाया जाएगा।

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