बाबा महाकाल।
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ऐसे होता है बाबा महाकाल का शृंगार
शृंगार के लिए 1100 रुपये की शासकीय रसीद कटानी होती है। पुजारी निर्धारित किया जाता, जो शृंगार करते हैं। जिस श्रद्धालु के नाम से शृंगार किया जा रहा है, उनका नाम बोर्ड पर लिखा जाता है। शृंगार में भांग, सूखे मेवे, वस्त्र, पूजन सामग्री आदि सामग्री शामिल रहती है। इसके लिए शेष राशि अलग से देना होती है। इसलिए लगभग 5 से 6 हजार रुपये का खर्च आता है। शृंगार में भांग का उपयोग होता है। शृंगार कराने वाले श्रद्धालुओं को संध्या पूजन और आरती के समय नंदी हॉल में मौजूद रहने की अनुमति प्रदान की जाती है। भगवान को नवीन वस्त्र तथा रजत आभूषण धारण कराए जाते हैं।