बाबा की सवारी में उमड़ा जनसैलाब।
- फोटो : अमर उजाला
दोनों को पहनाई गई माला
भगवान महाकाल की ओर से पुजारी ने गोपालजी को बिल्व पत्र की माला पहनाई गई। वहीं भगवान गोपालजी की ओर से महाकाल को तुलसी की माला पहनाई गई। उसके बाद गोपाल मंदिर के पुजारी ने अवंतिकानाथ को वस्त्र, फल, सूखे मेवे, मिष्ठान आदि भेंट किए।