प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को शिवमय हो गए थे। जलाभिषेक नहीं कर सके, लेकिन उन्होंने 16 मंगल द्रव्यों से महाकालेश्वर का पूजन किया। गर्भगृह में बैठकर ही मौन साधना भी की।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में बैठकर मंत्र जाप किया।
- फोटो : अमर उजाला
उज्जयिनी के राजाधिराज महाकालेश्वर के दरबार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पूजन चर्चा का विषय बना हुआ है। मोदी पांच बजे के बाद पहुंचे, इस वजह से जलाभिषेक तो नहीं कर सके, लेकिन मुख्य पुजारी घनश्याम महाराज ने 16 मंगल द्रव्यों से महाकालेश्वर का पूजन कराया। इसके बाद मोदी ने गर्भगृह में बैठकर ही मौन साधना भी की।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूजन करवाते मुख्य पुजारी घनश्याम महाराज।
- फोटो : अमर उजाला
शिवराज, पटेल और ज्योतिरादित्य थे साथ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को सफेद वस्त्र पहनकर महाकाल मंदिर पहुंचे। उनके साथ राज्यपाल मंगूभाई पटेल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी थे। प्रधानमंत्री ने महाकालेश्वर को प्रणाम कर गर्भगृह में प्रवेश किया। इस दौरान उनके साथ मौजूद अन्य लोग बाहर ही बैठे रहे। गर्भगृह में मुख्य पुजारी घनश्याम महाराज ने मोदी के ललाट पर चंदन का तिलक लगाया। फिर प्रधानमंत्री ने सुखासन में ज्योतिर्लिंग के सामने बैठकर पूजन किया। इस दौरान वहां मौजूद सहायक पुजारियों ने मंत्रोच्चार जारी रखा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूजन के पश्चात इस तरह महाकाल को प्रमाण किया।
- फोटो : अमर उजाला
16 मंगल द्रव्यों से किया पूजन
प्रधानमंत्री ने ज्योतिर्लिंग को त्रिपुंड तिलक लगाकर नमन किया। षोडशोपचार पूजन यानी 16 प्रकार के मंगल द्रव्यों से राजाधिराज का पूजन किया गया। इनमें चंदन, अबीर, गुलाल, अक्षत, बिल्वपत्र, धतूरा, नवीन वस्त्र, प्रक्षालन के लिए जल शामिल था। मोदी पूरे पूजन के दौरान आदियोगी महाकाल के समक्ष साधना मुद्रा में बैठे रहे। पुजारी दल ने प्रधानमंत्री को अंगवस्त्र भेंट कर बाबा महाकाल का आशीर्वाद दिया। इसके बाद मोदी स्वयं ज्योतिर्लिंग के पीछे आसन पर जाकर बैठ गए। वहां उन्होंने रुद्राक्ष की माला निकालकर जाप किया। उसके पश्चात वहां से रवाना हुए।