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Sawan Somwar: बाबा महाकाल की दूसरी सवारी, शिवमय हुई शिव की नगरी उज्जैन, देखें तस्वीरें

Mon, 29 Jul 2024 10:34 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

Sawan Somwar: बाबा महाकाल की दूसरी सवारी, शिवमय हुई शिव की नगरी उज्जैन, देखें तस्वीरें
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भगवान की सवारी - फोटो : अमर उजाला

उज्जैन में श्रावण के दूसरे सोमवार पर भगवान श्री महाकालेश्वर पालकी में श्री चन्द्रमौलेश्वर रूप में तथा हाथी पर श्री मनमहेश के स्वरूप में अपने भक्तों को दर्शन देने और अपनी प्रजा का कुशल-मंगल जानने नगर भ्रमण पर निकले। सवारी के निकलने के पूर्व सभा मंडप में पूजन-अर्चन मुख्य पुजारी पंडित घनश्याम शर्मा द्वारा संपन्न कराया गया।

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बाबा महाकाल की सवारी - फोटो : अमर उजाला

सर्वप्रथम भगवान श्री महाकालेश्वर भगवान का षोडशोपचार से पूजन-अर्चन किया गया। इसके पश्चात भगवान की आरती की गई। सवारी के निकलने के पूर्व श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर के सभामंडप में मध्यप्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने भगवान श्री महाकालेश्वर का पूजन-अर्चन किया और आरती की। पूजन-अर्चन शासकीय पुजारी पं. घनश्याम शर्मा द्वारा संपन्न कराया गया।

सर्वप्रथम भगवान श्री महाकालेश्वर का षोडशोपचार से पूजन-अर्चन किया गया। मंत्री पटेल ने मन्दिर से चलकर रामघाट पर पालकी का पूजन भी किया। इस दौरान पंचायती महानिवार्णी अखाड़े के महंत विनीत गिरी महाराज, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति कलावती यादव, संभागायुक्त संजय गुप्ता, पुलिस महानिरीक्षक संतोष कुमार सिंह, डीआईजी नवनीत भसीन, कलेक्टर नीरज कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा समिति सदस्य राजेन्द्र शर्मा गुरु, राम पुजारी आदि ने भगवान श्री महाकालेश्वर का पूजन-अर्चन किया और आरती में सम्मिलित हुए।

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बाबा महाकाल की सवारी - फोटो : अमर उजाला

भगवान श्री चन्द्रमोलेश्वर पालकी में सवार होकर अपनी प्रजा का हाल जानने और भक्तों को दर्शन देने के लिए नगर भ्रमण पर निकले। पालकी जैसे ही श्री महाकालेश्वर मंदिर के मुख्य् द्वार पर पहुंची सशस्त्र पुलिस बल के जवानों द्वारा पालकी में सवार श्री चन्द्रमोलेश्वर को सलामी (गार्ड ऑफ ऑनर) दी गई। सवारी मार्ग में स्थान-स्थान पर खडे श्रद्धालुओं ने जय श्री महाकाल के घोष के साथ उज्जैन नगरी के राजा भगवान श्री महाकालेश्वर पर पुष्पवर्षा की।

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महाकाल की सवारी - फोटो : अमर उजाला

श्रावण के दूसरे सोमवार पर भगवान की सवारी के दौरान पूरी नगरी शिवमय हो गई। श्री महाकालेश्वर भगवान की सवारी में हजारों भक्त झांझ, मंजीरे, डमरू, ढोल आदि वाद्य बजाते हुए महाकाल की आराधना करते हुए पालकी के साथ चल रहे थे। साथ ही उज्जैन के बाहर से आये हुए भक्तगण बाबा महाकाल की एक झलक पाने के लिए उत्सुक थे। 

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लोगों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला

महाकालेश्वर भगवान की सवारी महाकाल मंदिर से गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाडी होते हुए रामघाट पहुंची रामघाट पर श्री चन्द्रमोलेश्वर व श्री मनमहेश का मॉ क्षिप्रा के जल से अभिषेक पूजन किया गया। पूजन-अर्चन के बाद भगवान महाकाल की सवारी रामघाट से रामानुज कोट, मोढ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, खाती का मंदिर, सत्येनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक होते हुए गोपाल मंदिर पहुंची। जहां परंपरानुसार सिंधिया स्टेट की ओर से गोपाल मंदिर के पुजारी द्वारा पालकी में विराजित श्री चन्द्रमोलेश्वर का पूजन किया गया। इसके पश्चात सवारी गोपाल मंदिर से पटनी बाजार, गुदरी चौराहा होते हुए श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंची। जहां पुन: आरती उपरांत सवारी का विश्राम हुआ।

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बाबा महाकाल के पुजारी - फोटो : अमर उजाला

बाबा श्री महाकालेश्वर की दूसरी सवारी में छिंदवाड़ा और डिंडोरी जिले के जनजाति कलाकारों द्वारा मनमोहक नृत्य की प्रस्तुतियां दी गई। छिंदवाड़ा से आए कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा कुर्ता, धोती और पगड़ी पहनाकर, पिंकी ढोल आदि वाद्ययंत्रों पर भड़म नृत्य की आकषर्क प्रस्तुतियां दीं। 

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भगवान की सवारी - फोटो : अमर उजाला

वहीं, डिंडोरी जिले के जनजातीय कलाकारों ने थिसकी, बासुरी, मादर, टिमकी आदि वाद्य यंत्रों पर कर्मा नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां ने सवारी में समां बांधा। कर्मा नृत्य में पुरुषों ने हवाल, छीनन्द्री, झंगा , जैकेट कलगी और महिलाओं ने मुंगी, फरिया, बिरंन माला, करदन, टिसकी पहनी। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुरूप बाबा महाकाल की सवारियों में प्रदेश के विभिन्न जनजातीय जिलों के जनजातीय कलाकारों का समूह शामिल हो रहा है।

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महाकाल की सवारी - फोटो : अमर उजाला

बाबा महाकाल की सवारी के दर्शन के लिए सवारी के आगे और पीछे दो एलईडी लगे दो रथ चले, जिस पर सवारी के लाइव प्रसारण के माध्यम से श्रद्धालुओं ने सुगमता पूर्वक दर्शन किए। चलित रथों को पुष्प की लड़ियों से आकर्षण ढंग से सजाया गया। श्री महाकालेश्वर भगवान की तीसरी सवारी पांच अगस्त को निकाली जायेगी। इस दौरान पालकी में भगवान श्री चन्द्रमौलेश्वर के स्वरूप में रहेंगे, हाथी पर श्री मनमहेश के स्वरूप में और गरूड़ रथ पर शिवतांडव के स्वरूप में विराजित होंगे।

श्रावण माह के दूसरे सोमवार को बाबा महाकाल की सवारी के गौरवशाली इतिहास में नया अध्याय जुड़ा। सवारी में पहली बार पुलिस ब्रॉस बैंड के 350 जवानों की सुमधुर प्रस्तुति ने सवारी के उत्साह, उमंग और आकर्षण को और अधिक बढ़ाया। सवारी मार्ग से लेकर शिप्रा तट के पावन रामघाट पर बाबा महाकाल की सवारी के पूजन के दौरान पुलिस बैंड द्वारा ॐ नम: शिवाय ॐ नम: शिवाय, हर हर शंभू देवा महादेवा, मेरे घर राम आए है, देवा हो देवा गणपति देवा, ॐ जय शिव ओमकारा ,सत्यम शिवम सुन्दरम आदि शिवभजनों की सुमधुर धुनों की प्रस्तुतियां पर श्रद्धालु झूमें।

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महाकाल की सवारी - फोटो : अमर उजाला

भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी महाकाल मंदिर से प्रस्थान कर जैसे ही रामघाट पहुंची, चारों ओर श्रद्धा और उल्लास का वातावरण छा गया। श्रावण में अपने सौन्दर्य की छटा बिखेरते हुए स्वयं प्रकृति भगवान श्री महाकाल का स्वागत करने के लिए आतुर थी। भगवान श्री महाकालेश्वर का पूजन और जलाभिषेक पुजारी श्री आशीष गुरु आदि द्वारा किया गया। भगवान महाकालेश्वर चंद्रमोलेश्वर के स्वरुप में अपने भक्तों को आशीर्वाद देने के लिए शिप्रा तट पर पहुंचे। इसके पश्चात मां शिप्रा नदी के जल से भगवान का जलाभिषेक किया गया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने रामघाट पर भगवान का जलाभिषेक किया। पूजन के पश्चात पुरोहितों द्वारा रुद्रपाठ किया गया।

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महाकाल की सवारी - फोटो : अमर उजाला

श्रावण सोमवार सवारी के अंतर्गत दत्त अखाड़ा पर पारंपरिक नादब्रह्म की प्रस्तुति दी गई। माधव संगीत महाविद्यालय के आचार्यों के मार्गदर्शन में महाविद्यालय के शिष्यों द्वारा विभिन्न रागों पर आधारित शिव भजनों की प्रस्तुति दी गई प्रस्तुति का प्रारंभ किया गया। जय महेश जटा जूट, दर्शन देवो शंकर महादेव , ओम नम: शिवाय शिव धुनों ने श्रोताओं का मन मोहा।

प्रशासनिक व्यवस्थाएं रही मजबूत
बाबा महाकाल की सवारी के गरिमामय आयोजन के साथ श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन के लिये जिला प्रशासन उज्जैन द्वारा सभी आवश्यक प्रबंध किये गये। संभागायुक्त उज्जैन संजय गुप्ता, पुलिस महानिरीक्षक संतोष कुमार सिंह, डीआईजी नवनीत भसीन, कलेक्टर नीरज कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा द्वारा व्यवस्थाओं की सतत निगरानी की गई। पुलिस प्रशासन के 2 हजार से अधिक बल और वॉलेंटियर्स द्वारा व्यवस्थाओं को संभाला। ड्रोन के माध्यम से सवारी मार्ग की निगरानी की गई। आवश्यक व्यवस्थाओं और समन्वय में कार्यपालिक मजिस्ट्रेट, पुलिस बल एवं कंट्रोल रूम में नियुक्त अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा सक्रिय भूमिका निभाई गई। सवारी के सुव्यवस्थित संचालन के लिये सवारी मार्ग पर मजबूत टू-लेअर बेरिकेडिंग की गई। श्रद्धालुओं के लिये सवारी मार्ग पर पेयजल की भी उत्तम व्यवस्था रही।

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