मंदिर में भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की भी प्राचीन प्रतिमा है।
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मंदिर के पुजारी पंडित मुकेश जोशी के अनुसार यह मंदिर सिंहपुरी क्षेत्र में आताल पाताल भैरव व कुटुंबेश्वर महादेव मंदिर के समीप व्यास जी के बाड़े में स्थित है, जो कि अतिप्राचीन है, मंदिर में काले रंग का पाषाण का शिवलिंग स्थित है, जो कि अत्यंत दिव्य और चमत्कारी है। शिवलिंग की जलाधारी पर दो शंख, सूर्य, चंद्र के साथ ही ओम और स्वस्तिक की आकृति भी बनी हुई है। वहीं, मंदिर में माता पार्वती, कार्तिकेय, श्री गणेश और नंदी जी के साथ विष्णु जी और माता लक्ष्मी की अत्यंत प्राचीन प्रतिमा भी विराजमान हैं।
ऐसी मान्यता है कि जो भक्त सच्चे मन से श्री अभिमुक्तेश्वर महादेव की पूजा-अर्चना करता है, वह सर्व पापों से मुक्त हो जाता है। मंदिर में प्रतिदिन भगवान का पूजन अर्चन और अभिषेक तो किया ही जाता है, लेकिन श्रावण व अधिकमास में प्रतिदिन 11 ब्राह्मणों द्वारा रूद्र पाठ के साथ विशेष पूजा अर्चना की जाती है।