उज्जैन में स्थित 84 महादेव में तीन महादेव ऐसे हैं, जिनके दर्शन व पूजन से ग्रह नक्षत्रों की बाधा समाप्त होती है। अगस्तेश्वर महादेव, ढूंढेश्वर महादेव, गुहेश्वर महादेव को नक्षत्र अनुसार महादेव भी माना जाता है। कृतिका नक्षत्र से कार्तिक मास की उत्पत्ति हुई है, इसीलिए कार्तिक मास में ढूंढेश्वर महादेव का पूजन-अर्चन और दर्शन करने का विशेष महत्व है। यदि कोई श्रद्धालु पूरे कार्तिक मास शिप्रा में स्नान करता है और ढूंढेश्वर महादेव के दर्शन नहीं करता तो उसे कार्तिक स्नान का पुण्य प्राप्त नहीं होता है।
यह जानकारी 84 महादेव में तीसरा स्थान रखने वाले ढूंढेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी पंडित अजय व्यास ने देते हुए बताया कि ढूंढेश्वर महादेव के दर्शन करने मात्र से ही कार्तिक मास स्नान का पुण्यफल प्राप्त हो जाता है। कार्तिक मास की पूर्णिमा पर मंदिर में दीपदान का विशेष महत्व है, इसीलिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में दीपदान करने पहुंचते हैं।