मंदिर को सजाया गया।
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महाशिवरात्रि की रात बाबा महाकाल का महाअभिषेक
महाशिवरात्रि की रात 11 बजे से 27 फरवरी की सुबह 6 बजे तक भगवान महाकालेश्वर का महाअभिषेक होगा। इस दौरान 11 ब्राह्मणों द्वारा एकादश-एकादशनी रुद्रपाठ और विशेष मंत्रों के माध्यम से अभिषेक किया जाएगा। जिसमें पंचामृत, 101 लीटर दूध, 31 किलो दही, 21 किलो खांडसारी, 21 किलो शहद और 15 किलो घी, गंगाजल, गुलाब जल, भांग और विभिन्न प्रकार के फलों के रस का उपयोग किया जाएगा।
विशेष श्रृंगार और सेहरा दर्शन
फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी (27 फरवरी) को भगवान महाकालेश्वर को नवीन वस्त्र धारण कराए जाएंगे। सप्तधान्य (चावल, खड़ा मूंग, तिल, गेहूं, जौ, साल, खड़ा उड़द) से भगवान का श्रृंगार किया। इसके अलावा- बाबा महाकाल को चंद्र मुकुट, छत्र, त्रिपुंड और आभूषणों से सजाया जाएगा। पुष्प मुकुट (सेहरा) बांधा जाएगा, चांदी का सिक्का और बिल्वपत्र अर्पित किए जाएंगे। विभिन्न मिठाइयों, फलों और पंचमेवा का भोग अर्पित किया जाएगा।