कलेक्टर द्वारा पूजन अर्चन करने के बाद इस प्रकार से बांटी जाती है मदिरा की प्रसाद
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बताया जाता है कि पूर्व के समय में यह द्वार श्री महाकालेश्वर मंदिर जाने का मुख्य प्रवेश द्वार रहा होगा। जो कि उत्तर दिशा की और बना हुआ है। इस द्वार में कुल 24 खंभे लगे हुए हैं, इसीलिए इस क्षेत्र को 24 खंभा माता मंदिर कहा जाता है। यह द्वार विशालकाय है, यहां माता महामाया और महामाया देवी की नित्य पूजा अर्चना की जाती है। पूर्व में यहां पाड़ो की बलि दी जाती थी, लेकिन यह प्रथा कब से थी इसका उल्लेख कही भी नहीं मिलता है, वर्तमान में यहां बलि प्रथा वर्जित है।