उज्जैन महाकालेश्वर की पांचवीं सवारी निकल चुकी है। भादौ महीने का पहला सोमवार और स्वतंत्रता दिवस एक साथ होने से भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है। अगले सोमवार को शाही सवारी निकाली जाएगी।
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बाबा की पालकी को फूलों के तिरंगे से सजाया गया था।
- फोटो : सोशल मीडिया
सोमवार शाम 4 बजे परंपरा अनुसार बाबा महाकाल की सवारी मंदिर से निकाली गई। कलेक्टर आशीष सिंह ने पूजा की। भगवान ने पांच स्वरूपों में दर्शन दिए। आज चंद्रमौलेश्वर चांदी की पालकी में, मनमहेश हाथी पर, गरुड़ रथ पर शिव तांडव, उमा-महेश नंदी पर ता होलकर रूप में डोल रथ पर विराजित हैं। सभी रूपों के दर्शन करने बड़ी संख्या में भक्त मौजूद हैं।
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बाबा ने पांच स्वरूपों में भक्तों को दर्शन दिए।
- फोटो : सोशल मीडिया
महाकाल मंदिर से शाम चार बजे सवारी की शुरुआत हुई जो कोट मोहल्ला, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी होते हुए शिप्रा तट पहुंचेगी। यहां पुजारी शिप्रा जल से भगवान के चंद्रमौलेश्वर रूप का अभिषेक कर पूजा-अर्चना करेंगे। सवारी रामानुजाकोट, कार्तिक चौक, जगदीश मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार होते हुए पुन: मंदिर पहुंचकर संपन्न होगी। शाही सवारी 22 अगस्त को निकलेगी।
बाबा महाकाल का भस्मारती शृंगार
- फोटो : सोशल मीडिया
आजादी के जश्न के मौके पर बाबा की सवारी के लिए तीन रंगों के फूलों से तिरंगा स्वरूप दिया गया था। इससे पहले भस्मारती के समय भी तिरंगे से विशेष शृंगार किया गया था।