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Janmashtami 2022: उज्जैन के गोपाल मंदिर में देर रात होगी महाआरती, लग रही दर्शनार्थियों की कतार

Fri, 19 Aug 2022 06:13 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

Janmashtami 2022: उज्जैन के गोपाल मंदिर में होगी महाआरती, लग रही दर्शनार्थियों की कतार, सांदीपनी आश्रम में मनी जन्माष्टमी
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उज्जैन के गोपाल मंदिर की आकर्षक सजावट की गई है। - फोटो : सोशल मीडिया
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग से महज कुछ ही दूरी पर स्थित सिंधिया देवस्थान ट्रस्ट के गोपाल मंदिर में जन्माष्टमी का उत्साह उल्लास देखते ही बन रहा है। यहां सुबह से ही दर्शनार्थियों की कतार लगी हुई है। रात एक बजे आरती की जाएगी। 
 
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गोपाल मंदिर में भगवान का फूलों से शृृंगार किया गया। - फोटो : सोशल मीडिया
बता दें कि उज्जैन का गोपाल मंदिर भगवान कृष्ण का काफी प्राचीन मंदिर है।  मंदिर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर बड़ी धूमधाम रहती है। दर्शन करने अन्य प्रदेशों से भक्त यहां पहुंचते हैं। जन्माष्टमी के लिए मंदिर पर भी सुंदर सज्जा की गई है। मंदिर का बाहरी हिस्सा विद्युत सजावट से जगमगा रहा है, वहीं मंदिर के अंदरूनी परिसर में पुष्पों से बेहद में नयनाभिराम सजावट की गई है। 

मंदिर की ओर से बताया गया कि आज पूरे दिन भक्तों को भगवान के दर्शन होंगे। दिनभर मंदिर के पट खुले रहेंगे। शाम सात बजे अभिषेक श्रृंगार के लिए मंदिर के पट बंद होंगे, जो रात 12 बजकर 10 मिनट पर पट खुलेंगे। पट खुलने के बाद भगवान की पूजा व आरती होगी। 
 
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उज्जैन के सांदीपनी आश्रम में जन्माष्टमी पर्व धूमधाम से मनाया गया। - फोटो : सोशल मीडिया
सांदीपनी आश्रम में मनी जन्माष्टमी
उज्जैन के सांदीपनी आश्रम में जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। श्री कृष्ण की शिक्षास्थली महर्षि सांदिपनी आश्रम में भगवान कृष्ण का पंचामृत से विशेष पूजन अभिषेक  हुआ। 

मान्यतों के अनुसार द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण 11 वर्ष की उम्र में उज्जैन के ऋषि सांदिपनी के पास विद्या अध्ययन के लिए आए थे। यहीं सुदामा से उनकी मित्रता हुई थी। सांदपनी आश्रम में करीब पांच हजार साल पहले भगवान श्रीकृष्ण अपने भाई बलराम के साथ पढ़ने आए थे। भगवान ने यहां से चार वेद, छह शास्त्र, अठारह पुराण, चौंसठ कला, गीता ज्ञान और गुरुसेवा को आत्मसात किया था। 
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