बड़ी संख्या में दर्शन करने पहुंचे दर्शनार्थी
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सुबह तीन बजे बांधी गई राखी
बाबा महाकाल को भस्म आरती के दौरान सुबह तीन बजे विशेष रूप से निर्मित राखी बांधी गई। राखी बांधने से पहले परंपरागत रूप से होने वाली बाबा महाकाल की भस्म आरती की गई। बाबा को माथे पर रजत से बना चंद्र अर्पित किया गया।
रोज की तरह गुरुवार को भी मंत्रोच्चार के साथ गर्भगृह के द्वार खोले गए, फिर जल, दूध, दही, शहद, घी और फलों के रस से निर्मित पंचद्रव्यों से बाबा का अभिषेक किया गया।