कोटितीर्थ का पानी काला होकर बदबू मार रहा है।
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बदबू मार रहा कोटितीर्थ का पानी
भगवान श्री महाकालेश्वर के दरबार में स्थित कोटि तीर्थ के जल की स्थिति बद से बदतर हो गई है। कोटितीर्थ का जल काला और बदबूदार हो गया है। लेकिन इस ओर किसी भी जिम्मेदार अधिकारी का ध्यान नहीं है। आपको बता दें कि बाबा महाकाल को कोटितीर्थ के जल से ही अभिषेक कराया जाता है जिसका पानी आरओ प्लांट से फ़िल्टर होकर आता है, लेकिन कोटितीर्थ के आसपास चल रहे कार्य के चलते फ़िल्टर प्लांट भी कई दिनों से बंद है। ऐसे में अगर इस जल का उपयोग बाबा महाकाल के अभिषेक करने को होता है तो यह आस्था से खिलवाड़ है। बताया जाता है कि गर्भगृह के बाहर दो नल हैं जिसमें से एक नल से कोटि तीर्थ का जल फ़िल्टर होकर आता है जिससे भगवान का अभिषेक किया जाता है। सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के अनुसार आरओ के फ़िल्टर जल से ही भगवान का अभिषेक किया जाना चाहिए लेकिन कोटितीर्थ में स्थित आरओ प्लांट बंद बताया जा रहा है।
यह कहना है जिम्मेदारों का
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रशासक संदीप सोनी ने कहा कि मंदिर के आसपास और कोटितीर्थ पर इन दिनों स्मार्ट सिटी द्वारा काम किया जा रहा है। श्रावण के पहले सभी कार्य करने की गाइडलाइन तय कर दी गई है। जल्द ही इन कार्यों को पूर्ण कर लिया जाएगा।
स्मार्ट सिटी सीईओ आशीष पाठक ने बताया कि हेरिटेज के रूप मे कोटितीर्थ को सवारना स्मार्ट सिटी का काम है और यह हम अच्छी तरीके से कर रहे हैं। कोटितीर्थ का पानी सड़ांध क्यों मार रहा है इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं है। महाकाल मंदिर पहुंच मार्ग पर चारधाम मंदिर के समीप कुछ समय पहले ही खुदाई कार्य हुआ है इसी कारण रिमझिम बारिश से ही यहां कीचड़ जैसे हालात बन गए हैं। श्रावण मास शुरू होने के पहले यह कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।