शिवपुरी में अपनी बात पीएम तक पहुंचातीं विद्या
- फोटो : सोशल मीडिया
ललिता ने सुनाई अपनी कहानी तो पीएम बोले आप तो सुपर फास्ट बोलती हो
जनमन अभियान के अंतर्गत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने शिवपुरी की आदिवासी महिला ललिता आदिवासी ने भी पूरी कहानी बताई। उन्होंने बताया कि किस तरह से समूह के माध्यम से उनके जीवन में परिवर्तन आया है। पहले उनकी नाममात्र की आय थी, लेकिन योजना ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर उनकी आय में वृद्धि हुई है। इसके अलावा उन्हें विभिन्न योजना का लाभ मिल रहा है। आज पक्का आवास मिल गया। इसके अलावा आयुष्मान योजना सहित अन्य योजना को लाभ नहीं मिल रहा है। जब प्रधानमंत्री के सामने ललित आदिवासी यह सब बातें कर रही थीं तो उनके द्वारा लगातार धड़ाधड़ स्पीड में यह बातें कही जा रहीं थीं। इन बातों को लेकर के प्रधानमंत्री ने उनसे कहा कि आप तो सुपरफास्ट बोलती हो। इस पर सभी मौजूद लोगों ने तालियां बजा दीं।
योजना का हर व्यक्ति को लाभ मिले यही मोदी की गारंटी
वर्चुअल माध्यम से जुड़े प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर आदिवासियों को संबोधित भी किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) कार्यक्रम का उद्देश्य है कि हर पात्र हितग्राही को योजना का लाभ मिले यही मोदी की गारंटी है। शिवपुरी की दोनों महिलाओं से चर्चा को लेकर पीएम ने ट्वीट भी किया। इसमें लिखा कि मध्य प्रदेश में शिवपुरी की ललिता जी से यह जानकर बहुत संतोष हुआ कि किस प्रकार जनमन महा-अभियान से देश के ग्रामीण और दूरदराज के लोगों तक हमारी योजनाओं का लाभ पहुंच रहा है।
मध्य प्रदेश सरकार के दो मंत्री भी रहे मौजूद
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव उज्जैन के एनआईसी कक्ष से प्रधानमंत्री मोदी की जन मन के लाभार्थियों की वीसी में वर्चुअली शामिल हुए। हातौद ग्राम पंचायत में आयोजित किए गए इस कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश सरकार के दो मंत्रीगण भी मौजूद रहे। इनमें पंचायत एवं ग्रामीण मंत्री प्रहलाद पटेल और आदिम जाति कल्याण मंत्री विजय शाह मौजूद रहे। इसके अलावा ग्वालियर-चंबल संभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी यहां पर मौजूद रहे। पिछले कई दिनों से इस कार्यक्रम की तैयारियां जोर-जोर से चल रही थीं।
एक लाख लाभार्थियों को जारी की पहली किस्त
प्रधानमंत्री मोदी ने पीएम-जनमन के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के एक लाख लाभार्थियों को पहली किस्त जारी की। इसके साथ ही 893 करोड़ रुपये लागत के 541 टोलों में 1200 किलोमीटर सड़क निर्माण, 298 करोड़ रुपये की लागत के 70 हजार 263 घरों में विद्युतीकरण परियोजना, 20 करोड़ रुपये की लागत के 405 वन धन विकास केन्द्रों, 126 करोड़ रुपये की लागत के 916 आंगनवाड़ी केन्द्रों, 270 करोड़ रुपये की लागत के 450 मल्टीपरपज केन्द्रों, 275 करोड़ रुपये की लागत के 100 छात्रावासों, 34 करोड़ रुपये की लागत के 100 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स और 240 करोड़ रुपये की लागत के 206 मोबाइल टॉवर की स्वीकृति प्रदान की।