बड़ेरा के ग्रामीणों ने बताया कि यह इलाका पथरीला है। पानी की बहुत कमी है। गर्मी के दिनों में तो जलसंकट विकराल रूप ले लेता है लेकिन अब अमृत सरोवर तालाब के तहत बड़ेरा गांव में नवीन तालाब बनने से बारिश का पानी यहां पर रूकेगा।
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शिवपुरी में तालाब निर्माण करते ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
शिवपुरी जिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का असर देखने को मिल रहा है। यहां बंजर और पथरीली जमीन पर बारिश का पानी रोकने की पहल करने ग्रामीणों ने अमृत सरोवर योजना के तहत तालाब बनाने के काम शुरू कर दिया है। जिले की पिछोर जनपद पंचायत के बड़ेरा गांव और खनियाधाना जनपद पंचायत के गोलाकोट क्षेत्र, जो पथरीले और बंजर इलाकों की श्रेणी में आते हैं यहां पर बारिश का पानी रोकने के लिए मनरेगा के तहत अमृत सरोवर तालाब बनाए जा रहे हैं।
स्थानीय ग्रामीण तालाब निर्माण के लिए ट्रेक्टर ट्रॉली व श्रमदान कर रहे हैं। इसके अलावा स्थानीय ठेकेदारों ने जनसहयोग करते हुए जेसीबी मशीन सहित अन्य मशीनरी उपलब्ध कराई है। बड़ेरा के ग्रामीणों ने बताया कि यह इलाका पथरीला है। पानी की बहुत कमी है। गर्मी के दिनों में तो जलसंकट विकराल रूप ले लेता है लेकिन अब अमृत सरोवर तालाब के तहत बड़ेरा गांव में नवीन तालाब बनने से बारिश का पानी यहां पर रूकेगा और आने वाले दिनों में जलसंरक्षण होने से सिंचाई का रकबा, भूमिगत जलस्तर में बढ़ोत्तरी होगी, जो हमारे लिए मददगार रहेगी।
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अमृत सरोवर बनाने में श्रमदान करते ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
जिला पंचायत सीईओ उमराव सिंह मरावी ने बड़ेरा में बन रहे तालाब का निरीक्षण किया। इस दौरान पिछोर एसडीएम जेपी गुप्ता, आरईएस ईई राजीव पांडे, पिछोर जनपद सीईओ सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ उमराव सिंह मरावी ने श्रमदान किया और तालाब निर्माण सहयोग करने वाले श्रमिक व ग्रामीणों को माला पहनाई। जिला पंचायत सीईओ ने ग्रामीणों से बातचीत की और जन सहयोग करने वाले लोगों का हौसला बढ़ाया।
सीईओ उमराव सिंह मरावी ने बताया कि अमृत सरोवर तालाब के तहत बड़ेरा गांव को चिंहित किया गया। उन्होंने बताया कि इस पथरीले व बंजर इलाके की आने वाले समय में तस्वीर बदल जाएगी, क्योंकि जब बारिश का पानी यहां रूकेगा तो इसका लाभ स्थानीय लोगों को मिलेगा। बड़ेरा में 5 हेक्टेयर क्षेत्र में तालाब निर्माण किया जा रहा है। इससे लगभग 400 बीघा क्षेत्र सिंचित होगा। भूमिगत जलस्तर में बढ़ोत्तरी के अलावा पशुओं को पानी मिलेगा और मछली पालन से ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा।
गोलाकोट में स्थानीय कर रहे तालाब निर्माण
खनियांधाना जनपद पंचायत के गोलाकोट में स्थानीय मजदूर व ग्रामीण तालाब निर्माण में मदद कर रहे हैं।गोलाकोट में अमृत सरोवर तालाब के तहत 5 हेक्टेयर क्षेत्र में नवीन तालाब बनने से 500 बीघा जमीन सिंचित होगी। इस क्षेत्र में पीने के पानी की कमी रहती है वह समस्या दूर होगी। तालाब निर्माण से भूमिगत जलस्तर में बढ़ोत्तरी होगी। सरपंच जगदीश सिंह बुंदेला ने बताया इस इलाके में पानी की बहुत कमी है। खेतों में तीन-चार कुंए ही हैं जो सिंचाई और पीने के पानी का साधन हैं। लेकिन अब तालाब बनने से बारिश का पानी यहां पर रुकेगा और भूमिगत जल स्तर में बढ़ोतरी और सिंचाई का रकबा बढ़ेगा। यहां पर श्रमदान करने वाले ग्रामीणों का जिला पंचायत के सीईओ ने माला पहनाकर स्वागत किया। इस मौके पर खनियांधाना आरईएस के सहायक यंत्री एमएस रघुवंशी, उपयंत्री केके धाकड़, खनियांधाना जनपद सीईओ सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।
102 तालाबों का होगा निर्माण
जिले में अमृत सरोवर तालाब के तहत 102 स्थानों पर नवीन तालाबों का निर्माण होगा। आरईएस के ईई राजीव पांडे ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आव्हान पर जिले में अमृत सरोवर सरोवर तालाब का निर्माण इस समय चल रहा है, जिसमें विभिन्न स्थानों पर 102 चयनित स्थलों पर तालाब बनाए जा रहे हैं। तालाब निर्माण कार्य के दौरान मनरेगा सहित स्थानीय स्तर पर जन सहयोग से यह काम चल रहे हैं। इन तालाबों के निर्माण से आने वाले समय में बारिश का पानी रुकेगा तो इसका लाभ स्थानीय ग्रामीणों को होगा। जिससे सिंचित रकबा बढ़ेगा और भूमि का जल स्तर को बढ़ाने में मदद मिलेगी।