6,000 साल पुराना है मंदिर
- फोटो : Social Media
मान्यता है कि यह मंदिर 6,000 साल पुराना है, जहां जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुंचने पर इस मंदिर का जीर्णोद्धार अनेक बार किया जा चुका है। इसकी व्यवस्था भोपाल नवाब के संरक्षण में होती थी, तब वहां पर अखंड धूनी और अखंड ज्योति स्थापित की जा चुकी थी, जो सालों से आज भी प्रज्वलित है। गर्भगृह में देवी की प्रतिमा स्वयंभू है, जिसे किसी के द्वारा तराशा नहीं गया, परंतु बाद में चांदी के नेत्र एवं मुकुट आदि से देवी को सजाया गया है।