आष्टा का वैष्णवी मंदिर।
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विशाल बावड़ी कभी नहीं सूखती
मंदिर के सामने बनी विशाल बावड़ी भी चमत्कारी मानी जाती है। 120 फीट लंबी और 50 फीट गहरी इस बावड़ी का जल कभी सूखता नहीं, जबकि आसपास के कई जलाशय बार-बार सूख जाते हैं। श्रद्धालु इसे माता की कृपा का प्रमाण मानते हैं और इस जल को पवित्र मानकर ग्रहण करते हैं।
नवरात्रि में उमड़ता है भक्तों का सैलाब
नवरात्रि पर मंदिर का माहौल अद्भुत हो उठता है। यहां सुबह पांच और रात 8 बजे यहां पर महाआरती होती है, आरती में उपस्थित होकर भक्त अपने को धन्य और माता रानी का आशीर्वाद मानते हैं। हजारों की संख्या में यहां पर दर्शन करने प्रतिदिन पहुंचते हैं। दुर्गा सप्तशती का पाठ, अखंड हवन और भव्य आरती भक्तों को आत्मिक शांति प्रदान करते हैं। हजारों की संख्या में श्रद्धालु दूर-दराज से यहां पहुंचकर माता के चरणों में मत्था टेकते हैं और अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की मन्नत मांगते हैं।