हजारिया महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना करते श्रद्धालु
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मूर्तिकला का संग्रहालय बना मंदिर परिसर
मंदिर परिसर में ब्राह्मण और जैन धर्म से संबंधित कई मूर्तियां भी स्थापित हैं, जो विभिन्न कालखंडों का प्रतिनिधित्व करती हैं। वेदिबंध, जंघा, कुम्भ भाग, शिखर और आमलक जैसे मंदिर के विभिन्न स्थापत्य तत्व आज भी इस धरोहर की भव्यता को प्रकट करते हैं, हालांकि मंदिर का ऊपरी भाग काल के थपेड़ों से खंडित हो चुका है।
संरक्षण की दरकार, ताकि बनी रहे पहचान
यह मंदिर आज भी सैकड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, लेकिन इसकी वर्तमान स्थिति संरक्षण की मांग करती है। खुले में रखी गई अनेक प्राचीन मूर्तियां मौसम और उपेक्षा के चलते क्षरण का शिकार हो रही हैं। यदि समय रहते इसका संरक्षण नहीं किया गया, तो यह ऐतिहासिक धरोहर अपना अस्तित्व खो सकती है।