मध्यप्रदेश का पन्ना जिला अपने हीरों के लिए विश्वभर में विख्यात है। हाल ही में जिले की रुंझ नदी में हीरा मिलने की अफवाह फैली है, जिसके चलते इन दिनों नदी के तट पर हीरा तलाशने वालों का मेला लगा है। सैकड़ों की तादाद में मजदूर तसला, छलनी लेकर अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। यहां पन्ना जिले के साथ ही छतरपुर, सतना, रीवा व पड़ोसी राज्य उत्तरप्रदेश के बांदा जिले से भी लोग पहुंच रहे हैं, जिसमें बड़ी संख्या में पुरुषों, महिलाएं और बच्चे शामिल हैं, जो इन दिवों रुंझ नदी में बन रहे बांध से निकली मिट्टी में हीरा ढूंढ रहे हैं।
दरअसल पन्ना जिले के अजयगढ़ जनपद में विश्रामगंज घाटी के नीचे रुंझ नदी में बांध का निर्माण कार्य चल रहा है। जहां से भारी मात्रा में मिट्टी खोदी गई है, जिसमें हीरा मिलने वाली चाल भी बड़ी मात्रा निकली है। मजदूर इसी चाल में हीरा ढूंढने पहुंचे हैं। बड़ी संख्या में मजदूर सुबह से शाम तक अपने उपकरणों की मदद से मिट्टी में हीरा तलाश रहे हैं। बीते एक सप्ताह से मजदूरों ने यहीं ढेरा डाल रखा है। उत्तरवन वन मंडल के विश्रामगंज रेंज की टीम यहां कार्रवाई कर रही है। वन अमले को देखकर लोगों में भगदड़ मच जाती है। बीते दिनों वन विभाग के अमले ने मौके से 30 लोगों को पकड़ लिया। इनसे 12 बाइक बरामद की हैं।
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नदी से निकली मिट्टी में हीरे तलाश रहे मजदूर
- फोटो : अमर उजाला
विश्रामगंज के रेंजर जेपी मिश्रा ने बताया कि जब्त बाइक डिवीजन कार्यालय में रखवाई हैं। यहां हीरा मिलने की अफवाह सुनकर पन्ना जिले सहित छतरपुर, सतना, रीवा एवं उप्र के मजदूर आ रहे हैं। जो वन संपदा को नुकसान भी पहुंचा रहे हैं। इसलिए हमारे द्वारा इन्हें हटाने की कार्रवाई की जा रही है। वहीं, रुंझ नदी में अवैध रूप से हीरा खोदने की जानकारी लगते ही हीरा व्यापारियों के दलाल भी सक्रिय हो गए हैं। वे नदी किनारे हीरा तलाशने में लगे लोगों पर नजर रख रहे हैं। हीरा मिलने पर ये लोग व्यापारियों से डीलिंग कराते हैं। दोनों ओर से अपना कमीशन लेते हैं।
लोगों का दावा है कि कुछ को यहां से बड़े-बड़े हीरे मिले हैं। हालांकि अभी किसी को हीरा मिलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पन्ना की रत्नगर्भा धरती किसी को भी मालामाल कर देती है। यहां पहले भी लोगों को खदानों के अलावा जंगल में हीरे मिलते रहे हैं। खनिज अधिकारी का कहना है कि मामले की जानकारी लगी है टीम बना कर कार्रवाई की जाएगी।