ओंकारेश्वर के आसपास के जंगलों में बड़ी मात्रा में अवैध रूप से कच्ची शराब का निर्माण किया जा रहा है। यह शराब महुआ, लहान और अन्य जहरीले रसायनों से बनाई जाती है। खुले जंगलों में लकड़ी जलाकर बनाए जा रहे ड्रम और भट्ठियां न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही हैं, बल्कि समाज के युवा वर्ग को नशे की लत में धकेल रही हैं।
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