तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में अतिक्रमण हटाने की प्रस्तावित कार्रवाई को लेकर नगर के लोगों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। मंगलवार को ब्रह्मपुरी में नगर के नागरिकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें कांग्रेस और भाजपा सहित विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, महिलाओं और बड़ी संख्या में नगरवासियों ने भाग लिया। बैठक में एक स्वर में कहा गया कि ओंकारेश्वर का विकास जरूरी है, लेकिन विकास के नाम पर वर्षों से बसे लोगों का रोजगार और व्यापार उजाड़ना उचित नहीं है।
लोगों का कहना था कि तीर्थनगरी में अनेक परिवार पीढ़ियों से रह रहे हैं और उनका व्यवसाय यहां आने वाले श्रद्धालुओं पर निर्भर है। कई परिवारों के पास रजिस्ट्री और अन्य दस्तावेज भी हैं। ऐसे में कार्रवाई से पहले उनके पुनर्वास और रोजगार की स्पष्ट व्यवस्था की जानी चाहिए। बैठक में तीन बार के पूर्व कांग्रेस विधायक ठाकुर राज नारायण सिंह, खंडवा जिला ग्रामीण कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष उत्तम पाल सिंह, ओंकारेश्वर नगर भाजपा अध्यक्ष संतोष वर्मा, नगर परिषद के पार्षदों सहित वरिष्ठ समाजसेवी और बड़ी संख्या में नगरवासी मौजूद रहे।
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सीहोर में लोगों के साथ खड़े हो सकते हैं तो ओंकारेश्वर के लिए क्यों नहीं : ठाकुर राज नारायण सिंह
पूर्व विधायक ठाकुर राज नारायण सिंह ने कहा कि ओंकारेश्वर में लोग सदियों से बसे हुए हैं। यहां रहने वाले अधिकांश लोगों का व्यापार तीर्थयात्रियों पर निर्भर है। कई लोगों के पास रजिस्ट्री और पट्टे जैसे दस्तावेज हैं। उन्होंने कहा कि यदि शासन को लगता है कि विकास कार्य के लिए कुछ स्थान आवश्यक है तो इसके लिए बातचीत का रास्ता अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि शासन कैबिनेट स्तर की समिति बनाए, जिसमें प्रभारी मंत्री, सांसद, विधायक, विपक्ष के प्रतिनिधि और नगर के वरिष्ठ नागरिकों को शामिल किया जाए। समिति पूरे मामले की समीक्षा कर विकास की ऐसी रूपरेखा तैयार करे, जिसमें नगरवासियों के हितों की भी रक्षा हो। ठाकुर राज नारायण सिंह ने कहा कि यदि किसी स्थान को हटाना अत्यंत आवश्यक है तो प्रभावित परिवारों का उचित व्यवस्थापन किया जाए, ताकि वे अपना व्यवसाय जारी रख सकें। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि वे अपने क्षेत्र के लोगों की समस्या को लेकर उनके साथ खड़े हो सकते हैं, तो ओंकारेश्वर के जनप्रतिनिधियों को भी यहां के लोगों के बीच आकर उनकी समस्या सुननी चाहिए।