मध्य प्रदेश के किसान ने रूस-यूक्रेन युद्ध के मद्देनजर एक चिट्ठी संयुक्त राष्ट्र संघ के जिनेवा कार्यालय भेजने की तैयारी की है। चिट्ठी लिखने में स्याही का नहीं अनाज के दानों का उपयोग किया गया है। इसमें परमाणु युद्ध नहीं करने की अपील की गई है।
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चिट्ठी लिखने में स्याही का नहीं अनाज के दानों का उपयोग किया गया है।
- फोटो : सोशल मीडिया
मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के एक किसान ने बिना स्याही का इस्तेमाल किए एक चिट्ठी लिखी है। यही बात इस चिट्ठी को खास बनाती है, चिट्ठी लिखने के लिए किसान ने अनाज के 13 हजार दानों का इस्तेमाल किया है। अब किसान इस चिट्टी को रूस-यूक्रेन युद्ध के मद्देनजर संयुक्त राष्ट्र संघ के जिनेवा कार्यालय भेजने की तैयारी में हैं। अनाज से लिखी इस चिट्ठी के जरिए किसान ने परमाणु युद्ध नहीं करने की अपील की गई है।
नर्मदापुरम जिले के केवग्राम सुपरली के किसान योगेंद्र सोलंकी ने अनूठी पहल की है। किसान ने 13 हज़ार अनाज के दानों की मदद से परमाणु संपन्न देशों को एक चिट्ठी लिखी है। चिठ्ठी में परमाणु युद्ध नहीं करने की अपील की गई है। किसान ने अनाज के दानों से ही रूस के राष्ट्रपति पुतिन का चित्र भी बनाया है। किसान सोलंकी ये चिट्ठी संयुक्त राष्ट्र संघ के जिनेवा कार्यालय भी भेज रहे हैं।
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किसान ने अनाज के दानों से ही रूस के राष्ट्रपति पुतिन का चित्र भी बनाया है।
- फोटो : सोशल मीडिया
किसान योगेंद्र सोलंकी ने बताया कि परमाणु विनाश को रोकने के लिए मैंने अनाज के दानों की मन की बात चिठ्ठी में लिखी है। आज रूस यूक्रेन के युद्ध के बीच परमाणु युद्ध का खतरा बन गया है। अगर परमाणु युद्ध हुआ तो विनाश हो जाएगा। अपील में कहा गया है कि विश्व की महाशक्तियां परमाणु बम वना सकती हैं, लेकिन अनाज का दाना नहीं बना सकती हैं। किसान ने अनाज के दानों की तरफ से परमाणु शक्ति देशों से अपील की है कि युद्ध को युद्ध नीति से ही लड़ा जाए।
संयुक्त राष्ट्र के जिनेवा कार्यालय को ईमेल के जरिये यह चिठ्ठी भेजी जा रही है।
- फोटो : सोशल मीडिया
अनाज के दानों की मन की बात बताने वाले इस अनोखे पत्र को किसान योगेंद्र सोलंकी गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड को भी भेज रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र के जिनेवा कार्यालय को ईमेल के जरिये यह चिठ्ठी भेजी जा रही है। बाद में अन्य माध्यमों से यह अनाज के दानों से लिखा पत्र जिनेवा भेजा जाएगा।