फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Policemen Killed in Guna: राजकुमार ने आखिरी बार बेटे से की थी बात, नीरज पत्नी के साथ लौटे थे, संतराम को मासूम ने दी विदाई

Sun, 15 May 2022 07:31 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुना

सार

मध्य प्रदेश के गुना में काले हिरण के शिकारियों से मुठभेड़ में मारे गए तीनों पुलिसकर्मियों को राजकीय सम्मान के साथ विदा किया गया। एसआई राजकुमार जाटव को डेढ़ साल के बेटे ने, आरक्षक नीरज भार्गव को 12 साल के बेटे ने और आरक्षक संतराम मीणा को आठ महीने के बेटे ने अंतिम विदाई दी। सभी का अपने-अपने गृहक्षेत्र में अंतिम संस्कार किया गया।  
 
विज्ञापन
1 of 4
शहीद राजकुमार, संतराम, नीरज को अंतिम विदाई दी गई। - फोटो : अमर उजाला
मध्य प्रदेश के गुना में काले हिरण के शिकारियों से मुठभेड़ में मारे गए तीनों पुलिसकर्मियों को राजकीय सम्मान के साथ विदा किया गया। एसआई राजकुमार जाटव को डेढ़ साल के बेटे ने, आरक्षक नीरज भार्गव को 12 साल के बेटे ने और आरक्षक संतराम मीणा को आठ महीने के बेटे ने अंतिम विदाई दी। सभी का अपने-अपने गृहक्षेत्र में अंतिम संस्कार किया गया।  

बता दें कि आरोन पुलिस थाने तीनों बलिदानियों की अंत्येष्टि राजकीय सम्मान के साथ की गई। नम आंखों से लोगों ने जमकर फूल बरसाए। घटना से कुछ घंटों पहले तक सब सामान्य था। एसआई राजकुमार जाटव ने घटना के पांच घंटे पहले ही अपने बेटे से वीडियो कॉल पर बात की थी। नीरज भार्गव शुक्रवार दोपहर में अपनी पत्नी को सोनोग्राफी कराने ले गए थे। संतराम भी घर पर वक्त बिता रहे थे। सूचना मिलने पर सभी ड्यूटी पर पहुंचे और शिकारियों को पकड़ने निकल गए थे। किसे पता था कि तीनों लौटकर नहीं आ सकेंगे।
 
विज्ञापन

2 of 4
एसआई राजकुमार जाटव को डेढ़ साल के बेटे राजदीप ने मुखाग्नि दी। - फोटो : सोशल मीडिया
एसआई राजकुमार जाटव का अंतिम संस्कार अशोकनगर में किया गया। डेढ़ साल के बेटे राजदीप ने शहीद पिता को मुखाग्नि दी। शनिवार दोपहर उनकी पार्थिव देह अशोकनगर पहुंची, विदिशा रोड पर दुकानदारों ने दुकानें बंद रख शहीद को श्रद्धांजलि दी। गार्ड ऑफ ऑनर के आधे घंटे बाद अंतिम यात्रा मुक्तिधाम रवाना हुई। भाई अनिल जाटव ने बताया कि राजकुमार की शादी 2019 में ही हुई थी। शुक्रवार रात 9 बजे राजकुमार ने वीडियो कॉल कर अपने बेटे राजदीप से बात की थी। राजकुमार के पिता आरके जाटव भी पुलिसकर्मी रहे हैं।
 
विज्ञापन

3 of 4
12 साल के बेटे वंश ने आरक्षक नीरज भार्गव को मुखाग्नि दी। - फोटो : सोशल मीडिया
आरक्षक नीरज भार्गव का अंतिम संस्कार गुना में किया गया। 12 साल के बेटे वंश ने उन्हें मुखाग्नि दी। नीरज की पत्नी 6 महीने की गर्भवती हैं और अस्पताल में हैं, इसलिए सूचना नहीं दी। चाचा ने बताया कि गुना में ही नीरज ने पत्नी की सोनोग्राफी कराई और ड्यूटी पर जाने का मैसेज आ गया। वहां पहुंचने के बाद उनसे फोन पर बात हुई थी। कह रहे थे कि बहुत थके हुए लग रहे हैं। रास्ते में आते समय तीन बार मुंह धोया। गाड़ी भी नहीं चलाई जा रही थी। अंतिम विदाई से पहले उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और फिर शव यात्रा मुक्तिधाम के लिए रवाना हुई। शहीद नीरज भार्गव के पिता की भी ऑनड्यूटी मौत हुई थी। उन्हें हार्ट अटैक आ गया था।
 
विज्ञापन

4 of 4
आरक्षक संतराम मीणा को आठ महीने के बेटे आदित्य से मुखाग्नि दिलवाई गई। - फोटो : सोशल मीडिया
आरक्षक संतराम मीणा श्योपुर जिले की वीरपुर तहसील के गोहर के रहने वाले थे। यहीं उनका अंतिम संस्कार किया गया। आठ महीने के बेटे आदित्य से मुखाग्नि दिलवाई गई। आरक्षक मीणा 6 भाई-बहन हैं, वे चौथे नंबर के थे। 31 साल के बलिदानी आरक्षक स्व. संतराम मीणा का विवाह 2020 मं मुरैना जिले की सबलगढ़ तहसील के कुलौली ग्राम निवासी वर्षा रावत के साथ हुआ था। जब शहीद पिता संतराम की पार्थिव देह तिरंगे में लिपटकर श्योपुर आई तो उनके 8 महीने के बेटे ने मां की गोद से ही पैर छूकर पिता को अंतिम विदाई दी। शहीद जवान को गार्ड ऑफ ऑनर के बाद राजकीय सम्मान से विदाई दी गई।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें