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Vijaya Dashami: दामाद रावण की नामदेव समाज ने की पूजा, पैर में लच्छा बांधकर युद्ध के लिए ललकारा, शाम को होगा वध

Sat, 12 Oct 2024 03:15 PM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंदसौर

सार

नामदेव समाज के लोग रावण की पत्नी मंदोदरी को अपनी बेटी का दर्जा देते है। इसी लिहाज से मंदसौर में रावण को जमाई राजा का दर्जा दिया जाता है।  
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नामदेव समाज ने की रावण की पूजा। - फोटो : अमर उजाला
दशहरे पर जहां पूरे देश में रावण को बुराई का प्रतीक मानकर उसका वध किया जाता है। वहीं, मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के खानपुरा क्षेत्र में रावण को जमाई मानकर पूजा की जाती है। रावण की प्रतिमा के सामने से क्षेत्र की महिलाएं घूंघट निकालकर निकलती हैं। यहां रावण की 51 फिट ऊंची प्रतिमा स्थापित है। कहा ऐसा भी जाता है कि रावण के पैर में लच्छा बांधने से एक राता बुखार भी ठीक होता है।
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नामदेव समाज ने की रावण की पूजा। - फोटो : अमर उजाला
ढोल नगाड़ों के साथ रावण की प्रतिमा स्थल पहुंचे
नामदेव समाज के लोग रावण की पत्नी मंदोदरी को अपनी बेटी का दर्जा देते है। इसी लिहाज से मंदसौर में रावण को जमाई राजा का दर्जा दिया जाता है। दशहरे पर आज शनिवार को नामदेव समाज के लोग ढोल नगाड़ों के साथ रावण की प्रतिमा स्थल पहुंचे और दामाद रावण की विधि विधान से पूजा-अर्चना की, आरती की और फिर प्रसाद भी वितरित किया। 
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नामदेव समाज ने की रावण की पूजा। - फोटो : अमर उजाला
वध करने के लिए दिया निमंत्रण
नामदेव समाज के अध्यक्ष अशोक बघेरवाल और सह सचिव राजेश मेढ़तवाल ने बताया कि जिस तरह जमाई की पूजा की जाती है, ठीक उसी तरह हमने रावण महाराज की पूजा कर आरती की और प्रसाद वितरित किया। साथ ही रावण महाराज के पैर में लच्छा बांधकर शाम को गोधूली वेला में युद्ध का निमंत्रण दिया है। इसका कारण यह है कि हमने अच्छाई की पूजा की है। शाम को गोधूली वेला में बुराई का वध किया जाएगा।
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