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मध्य प्रदेश: जानिए प्रदेश के इन 5 प्रसिद्ध शिवालयों में कैसे मनाई जाएगी महाशिवरात्रि

Mon, 28 Feb 2022 02:03 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

आइए आपको बताते हैं प्रदेश के 5 प्रसिद्ध शिवालयों में महाशिवरात्रि कैसे मनाई जाएगी।
 
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मध्य प्रदेश के 5 प्रसिद्ध शिवालय - फोटो : अमर उजाला

मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध शिवालयों में महाशिवरात्रि की तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं। शिवरात्रि के अवसर पर वैसे तो प्रदेश के हर छोटे-बड़े मंदिर में महाशिवरात्रि की रौनक होती है, लेकिन उज्जैन में स्थित बाबा महाकाल के धाम, खंडवा में ओंकारेश्वर-ममलेश्वर, मंदसौर के पशुपतिनाथ, भोजपुर शिव मंदिर और बांदकपुर के जोगेश्वर धाम में इस दिन एक अलग ही नजारा भक्तों को देखने के लिए मिलता है। महाशिवरात्रि के कई दिनों पहले से ही मंदिर में तैयारियां शुरू कर दी जाती हैं। शिव नवरात्रि के अवसर पर पूरे नौ दिनों तक भगवान शिव की विशेष पूजा अर्चना की जाती है वहीं, महाशिवरात्रि के पर्व पर दिन और रात पूरे 24 घंटे भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना करने के साथ ही बारात और अन्य अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता है। आइए आपको बताते हैं प्रदेश के 5 प्रसिद्ध शिवालयों में महाशिवरात्रि कैसे मनाई जाएगी।


महाकाल मंदिर
उज्जैन में स्थित बारह ज्योतिर्लिंगों में से तीसरे नंबर के ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में महाशिवरात्रि भव्य रूप से मनाने की तैयारी की गई है। 1 मार्च को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर 'शिव ज्योति अर्पणम' महोत्सव का आयोजन किया जाएगा, जिसके तहत शिप्रा तट, देवस्थानों, मंदिरों और नगर में घर-घर दीप प्रज्जवलित किए जाएंगे। महाशिवरात्रि के अवसर पर उज्जैन में 21 लाख दीप प्रज्जवलित कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की तैयारी की गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के आव्हान पर कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। शिप्रा नदी के तट पर दोनों ओर 13 लाख दीप, नगर के देवस्थल- महाकाल मंदिर, मंगलनाथ मंदिर, काल भैरव मंदिर, गढ़ कालिका, सिद्धवट, हरसिद्धि मंदिर, प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर भी दीप जलाए जाएंगे। वहीं, स्थानीय लोगों से महाशिवरात्रि के दिन घरों पर 5-5 दीप प्रज्जवलित करेंगे, जिसके लिए नागरिकों ने उज्जैन नगर निगम के माध्यम से संकल्प पत्र भी भरे हैं।

 
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उज्जैन में महाशिवरात्रि पर जलाएं जाएंगे 21 लाख दीप - फोटो : सोशल मीडिया

ओंकारेश्वर धाम ज्योतिर्लिंग
खंडवा में स्थित चौथे नंबर के ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर में महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान शिव का रूद्राभिषेक किया जाएगा। वहीं, संस्कृति विभाग द्वारा दो दिवसीय शांक्कर समारोह का आयोजन किया जा रहा है। 28 फरवरी और 1 मार्च को नागर घाट में सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। साथ ही शंकरदिग्विजय महाकाव्य पर केंद्रित शोध संगोष्ठी का आयोजन भी होगा। 

वहीं, अमलेश्वर धाम में महाशिवरात्रि के अवसर पर मंगलवार को दोपहर एक बजे से महारुद्राभिषेक किया जाएगा। शाम को सात बजे महाआरती एवं प्रसादी वितरण होगा। रात्रि को मंदिर में भजन संध्या का आयोजन होगा। मंदिर को विद्युत साज-सज्जा एवं पुष्पों से सजाया गया है। महिलाओं एवं पुरूषों को लिए अलग-अलग कतारों में दर्शन करने का व्यवस्था की गई है। 

 
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ओंकारेश्वर में महाशिवरात्रि पर होगा रुद्राभिषेक - फोटो : सोशल मीडिया

भोजपुर शिव मंदिर 
भोजपुर के शिव मंदिर में महाशिवरात्रि को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। दो साल बाद कोरोना संक्रमण की पाबंदियां खत्म होने के बाद इस साल मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर मेले का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही तीन दिवसीय भोजपुर महोत्सव का भी आयोजन होगा, जिसमें देश-विदेश के जाने-माने कलाकार प्रस्तुति देंगे। 1 मार्च को महाशिवरात्रि के मौके पर बम बम भोले नाथ सेवा समिति द्वारा भव्य शिव बारात निकाली जाएगी, जिसमें भूतों की टोली के साथ भगवान शिव की बारात निकलेगी।   


 

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भोजपुर शिव मंदिर में की गई आकर्षण साज सज्जा - फोटो : सोशल मीडिया

जागेश्वरनाथ धाम
दमोह जिले में स्थित भगवान शिव के प्राचीन जागेश्वरनाथ धाम मंदिर में महाशिवरात्रि की तैयारियां धूम-धाम से की जा रही हैं। महाशिवरात्रि के अवसर पर मंगलवार को माता पार्वती और भगवान शिव की रस्मों के साथ शादी की जाएगी। उसके पहले सोमवार को भगवान शिव को हल्दी लगाने की रस्म पूरी की गई। प्रदेश में कोरोना संक्रमण की सभी पाबंदिया खत्म होने से इस साल श्रद्धालु उत्साह के साथ महाशिवरात्रि पर्व मनाने में जुटे हैं। जागेश्वरनाथ धाम मंदिर में विशेष साज-सज्जा की गई है। सोमवार को मंदिर में मंडप छाया होगी और शाम को शिवजी की बारात निकलेगी। वहीं, एक मार्च को महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर परिसर में भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह धूमधाम से किया जाएगा। 

 
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जागेश्वरनाथ धाम में कावड़िए करेंगे अभिषेक - फोटो : सोशल मीडिया

800 से ज्यादा कावड़िए करेंगे नर्मदा जल से अभिषेक
800 से ज्यादा कावड़िए जबलपुर के ग्वारीघाट स्थित नर्मदा तट से नर्मदा जल लेकर जागेश्वरनाथ धाम पहुंचेंगे और भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। कांवड़ लेकर कांवड़िए ग्वारीघाट से जागेश्वरनाथ धाम की करीब 130 किमी की दूरी पैदल तय करने के बाद बांदकपुर पहुंचेंगे और महाशिवरात्रि के आयोजन में शामिल होंगे। कावड़ियों में बड़ी संख्या में युवा, बच्चे, बूढ़े शामिल हैं। 


पशुपतिनाथ में 3 दिवसीय आयोजन
मंदसौर जिले में स्थापित अष्टमुखी पशुपतिनाथ धाम में शिवरात्रि के पावन अवसर पर शिव-पार्वती विवाह का तीन दिवसीय आयोजन किया जा रहा है। शिवरात्रि से एक दिन पहले सोमवार को मंदिर गर्भगृह में सभी देवी-देवताओं को नए वस्त्र पहनाए जाएंगे। वहीं मंगलवार को शिवरात्रि के मौके पर मंदिर में सुबह चार बजे से आयोजन प्रारंभ होंगे। महाशिवरात्रि के चारों प्रहर में रस से भगवान का अभिषेक किया जाएगा वहीं, अंतिम प्रहर के बाद बाबा भोलेनाथ को दूल्हे के रूप में सजाया जाएगा व आकर्षक श्रृंगार किया जाएगा।
 
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महाशिवरात्रि पर पशुपतिनाथ को लगेगा 37 क्विंटल खिचड़ी का भोग - फोटो : सोशल मीडिया


37 क्विंटल खिचड़ी का लगेगा भोग
महाशिवरात्रि के मौके पर भगवान पशुपतिनाथ को महाघंटा अभियान मंडली द्वारा 37 क्विंटल खिचड़ी का भोग लगाया जाएगा। सुबह 10:15 बजे भगवान को भोग लगाने के बाद श्रद्धालुओं को खिचड़ी  प्रसाद के रूप में वितरित की जाएगी।



 
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