पीईबी द्वारा आयोजिक कांस्टेबल परीक्षा का परिणाम घोषित किया। इसमें देवास जिले के निवासी एक छात्र को पहले क्वालिफाइड बताया और बाद में नॉट क्वालिफाइड। छात्र परेशान है कि क्या करे। कांग्रेस ने भ्रष्टाचार और घोटाले के आरोप लगाए हैं।
व्यापमं का नया नाम पीईबी रख दिया लेकिन गड़बड़ी अब भी जारी है। मप्र के बहुचर्चित व्यापमं घोटाले को लेकर आएदिन बहस होती रहती है लेकिन अब नया मामला आया है जिसमें कांस्टेबल परीक्षा देने वाले छात्र के सामने संशय की स्थिति बन गई है। छात्र का कहना है कि पहले जो रिजल्ट आया उसमें उसे क्वालिफाइड बताया लेकिन दूसरे रिजल्ट में नॉट क्वालिफाइड बताया दिया।
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इस रिजल्ट में बताया क्वालिफाइड
- फोटो : सोशल मीडिया
जानकारी के मुताबिक उक्त छात्र का नाम विकास पिता भागवत मीणा है। छात्र देवास जिले की खातेगांव तहसील के ग्राम जूनापानी का निवासी है। विकास बीएससी कर रहा है और खुद से ही सिविल सर्विसेज परीक्षा की तैयारी भी कर रहा है। विकास ने हाल ही में हुई कांस्टेबल की परीक्षा दी थी। गत दिनों इसका रिजल्ट घोषित किया। इसमें विकास को पहले तो क्वालिफाइड बताया और बाद में लॉट क्वालिफाइड। विकास ने बताया कि 28 जनवरी को ऑनलाइन परीक्षा हुई थी। उसमें मेरे 77 नंबर आए थे। 24 मार्च को उसका रिजल्ट आया, मैंने सुबह करीब 11 बजे रिजल्ट देखा। उसमें मुझे क्वालिफाइड बताया था, लेकिन जब 25 मार्च को मेरे एक दोस्त ने मेरा रिजल्ट देखा तो उसमें मुझे नॉट क्वालिफाइड बताया गया। ओबीसी वर्ग के लिए कटऑफ 68 नंबर है और मेरे 77 नंबर आए हैं। इस तरह से कटऑफ से नौ नंबर अधिक है। मुझे समझ नहीं आ रहा कि क्या करूं, कहां शिकायत करूं। देवास कलेक्टर से मिलकर शिकायत करूंगा।
इस रिजल्ट में बताया नॉट क्वालिफाइड
- फोटो : सोशल मीडिया
दो एकड़ जमीन रखी गिरवी
विकास गरीब परिवार से है। उसने बताया कि पिता के पास ढाई एकड़ जमीन है। उसकी पढ़ाई के लिए पिता ने दो एकड़ जमीन गिरवी रखी है। माता-पिता मजदूरी करते हैं। परिवार में विकास की बड़ी बहन है जिसकी शादी हो चुकी है। वह हरदा के कॉलेज से बीएससी कर रहा है। अंतिम वर्ष में है। सिविल सर्विसेज की तैयारी भी कर रहा है।
हर लेवल पर हो रहा भ्रष्टाचार
देवास कांग्रेस अध्यक्ष मनोज राजानी ने कहा कि शिवराज सरकार में बेरोजगारों के साथ छल-कपट हो रहा है। यह हर जिले की कहानी है। सभी परीक्षाओं में पैसा चल रहा है। पहले क्वालिफाइड करते हैं और फिर नॉट क्वालिफाइड। जिसको चयनित किया गया है उसके नंबर भी उजागर होने चाहिए। पैसों का लेनदेन चल रहा है। व्यापमं के कई पार्ट है जो सिस्टम बन गया है। शिवराज सिंह भी समझ गए कि जब व्यापमं में कुछ नहीं बिगड़ा तो क्या दिक्कत है। हर लेवल पर भ्रष्टाचार हो रहा है। कांग्रेस इस मामले को विधानसभा में उठाएगी।